बिजनेस रेमेडीज/ नई दिल्ली। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत को अब दुनिया के बैक ऑफिस से आगे बढ़कर ग्लोबल इनोवेशन इंजन बनना चाहिए। वे बेंगलुरु में VTU-VRIF-TCOE हब एंड स्पोक ऑफ एक्सीलेंस के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। यह नया Centre of Excellence (CoE) तीन संस्थाओं — विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (VTU), विश्वेश्वरैया रिसर्च एंड इनोवेशन फाउंडेशन (VRIF), और टेलीकॉम सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस (TCOE) इंडिया — की साझेदारी में शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य देश में उन्नत तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना है।
यह केंद्र 5G/6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, AR/VR, क्वांटम कंप्यूटिंग और हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में रिसर्च और स्टार्टअप्स को समर्थन देगा।
सिंधिया ने बताया कि देश में डिजिटल बुनियादी ढांचे में जबरदस्त विकास हुआ है।
“2013 में जहां सिर्फ 25 करोड़ इंटरनेट यूजर्स थे, आज यह संख्या 97.4 करोड़ तक पहुंच गई है। हम दुनिया का सबसे बड़ा ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क बना रहे हैं, जो 140 करोड़ भारतीयों की जिंदगी को बदल देगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब सॉफ्टवेयर सेवा केंद्र नहीं, बल्कि उत्पाद नवाचार का केंद्र बन रहा है।
“कभी हम 90% मोबाइल फोन विदेश से मंगाते थे, आज हम 2.5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के मोबाइल फोन का निर्यात कर रहे हैं।”
CoE में अब तक 20 से ज्यादा स्टार्टअप और 30 शिक्षण संस्थान जुड़ चुके हैं। इसमें Keysight Technologies, QpiAI और Televerge जैसी कंपनियां भागीदार हैं। साथ ही Telecom Sector Skill Council (TSSC) स्किल डेवलपमेंट में मार्गदर्शन कर रहा है।
सिंधिया ने कहा,
“प्रधानमंत्री मोदी ने सरकार की भूमिका को नियामक से सहायक में बदला है। यह केंद्र उसी सोच का हिस्सा है, जो भारत को तकनीकी नेतृत्व दिलाने की दिशा में अहम कदम साबित होगा।”

