नई दिल्ली : केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद भारत वैश्विक कच्चे तेल बाजार में होने वाले किसी भी उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले कई महीनों के दौरान अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में आए बदलावों का सफलतापूर्वक सामना किया है और आगे भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखेगी।
हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा पहले की तुलना में अधिक मजबूत हुई है। इसका प्रमुख कारण आपूर्ति के विविध स्रोतों का विकास और ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए किए जा रहे लगातार प्रयास हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछले 100 दिनों में जिस प्रकार परिस्थितियों का प्रबंधन किया है, उसी तरह आने वाले 30 से 60 दिनों में भी स्थिति को संभालने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात में बड़ा बदलाव होता है और कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि होती है, तो स्थिति की दोबारा समीक्षा की जाएगी।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत की तेल आपूर्ति को लेकर उठ रही चिंताओं पर मंत्री ने कहा कि देश अब संभावित बाधाओं से निपटने के लिए पहले से कहीं अधिक सक्षम है। उन्होंने बताया कि भारत की लगभग 7प्रतिशत रसोई गैस आपूर्ति और करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल का आयात होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते होता है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की स्थिति को लेकर कई तरह की चर्चाएं और रिपोर्ट सामने आ रही हैं। कुछ विशेषज्ञ युद्धविराम के व्यापक ईरान-अमेरिका समझौते में बदलने की संभावना जता रहे हैं, जबकि कुछ लोग तनाव बढ़ने की आशंका व्यक्त कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने इस विषय पर किसी प्रकार का अनुमान लगाने से इनकार किया। मंत्री ने ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एथेनॉल मिश्रण, जैव ईंधन के उपयोग और सौर ऊर्जा क्षमता में लगातार वृद्धि हुई है। इसके साथ ही देश में तेल और गैस की खोज तथा उत्पादन गतिविधियों का भी विस्तार हो रहा है। इन प्रयासों के कारण भारत धीरे-धीरे ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है और आयात पर निर्भरता कम करने में सफल हो रहा है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की ‘समुद्र मंथन’ पहल के तहत नए कुओं की खुदाई और घरेलू ऊर्जा उत्पादन क्षमता को मजबूत करने के लिए ₹.90,000 करोड़ निर्धारित किए गए हैं। इस निवेश का उद्देश्य देश में ऊर्जा संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाना और भविष्य की जरूरतों को घरेलू स्तर पर पूरा करने की क्षमता विकसित करना है। ईंधन कीमतों पर बोलते हुए हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में हालिया अस्थिरता के बावजूद दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें चार वर्ष पहले की तुलना में अभी भी कम हैं। उन्होंने इसका श्रेय केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कई चरणों में की गई कटौती को दिया। साथ ही कई राज्यों द्वारा मूल्य वर्धित कर में की गई कमी का भी उपभोक्ताओं को लाभ मिला है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत रियायती रसोई गैस सिलेंडर पात्रता में कमी को लेकर उठे सवालों के जवाब में मंत्री ने कहा कि यह कदम सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया गया था। सरकार को ऐसी विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि कुछ लाभार्थी रियायती सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग कर रहे थे या उन्हें अन्य लोगों को बेच रहे थे। इसी कारण पात्रता व्यवस्था की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सभी नागरिकों को सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही कल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने, संसाधनों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

