अमेरिका के केंद्रीय बैंक Federal Reserve द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका के बीच बुधवार को सोना और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। महंगाई संबंधी चिंताओं और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों का रुझान कीमती धातुओं से कुछ हद तक कमजोर दिखाई दिया। Multi Commodity Exchange (MCX) पर अगस्त वायदा सोना कारोबार के दौरान 1.51 प्रतिशत गिरकर ₹.1,50,140 प्रति10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं जुलाई वायदा चांदी लगभग 1प्रतिशत टूटकर ₹.2,36,239 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखाई दी।
India Bullion And Jewellers Association (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को 24 कैरेट सोने की कीमत ₹.1,48,429 प्रति10 ग्राम रही। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र की शुरुआत में यही कीमत ₹.1,52,519 प्रति10 ग्राम थी। इससे स्पष्ट है कि एक ही दिन में सोने की कीमतों पर उल्लेखनीय दबाव देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में कमजोरी बनी रही। हाजिर सोना 1.8 प्रतिशत गिरकर 4,187.59 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जो लगभग 11 सप्ताह का निचला स्तर माना जा रहा है। वहीं अगस्त डिलीवरी वाले अमेरिकी सोना वायदा की कीमत घटकर 4,213.40 डॉलर प्रति औंस रह गई।
विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने महंगाई की चिंताओं को और बढ़ाया है। इसी वजह से बाजार में यह उम्मीद मजबूत हुई है कि Federal Reserve लंबे समय तक ब्याज दरों को ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है। डॉलर में मजबूती आने से अन्य मुद्राओं का उपयोग करने वाले निवेशकों के लिए सोना अधिक महंगा हो जाता है, जिससे मांग पर असर पड़ता है। CME FedWatch Tool के अनुसार, कारोबारियों के बीच दिसंबर तक अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दर बढ़ाए जाने की संभावना 70प्रतिशत से अधिक आंकी जा रही है।
तकनीकी दृष्टि से देखें तो MCX सोने के लिए ₹.1,52,000 का स्तर तत्काल प्रतिरोध माना जा रहा है। यदि कीमतें लगातार इस स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहती हैं तो सोने में सुधार का दायरा बढ़कर ₹.1,54,000 से ₹.1,55,000 तक पहुंच सकता है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निकट अवधि में सोने का रुझान सतर्क से नकारात्मक बना हुआ है। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और वित्तीय बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव आगे भी कीमतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
चांदी की बात करें तो MCX पर यह फिलहाल ₹.2,34,000 से ₹.2,32,000 के महत्वपूर्ण समर्थन क्षेत्र के ऊपर बनी हुई है। यह दर्शाता है कि निवेशक अभी भी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। विश्लेषकों के अनुसार, चांदी के लिए ₹.2,38,000 से ₹.2,40,000 का क्षेत्र तत्काल प्रतिरोध के रूप में देखा जा रहा है। दूसरी ओर यदि कीमत ₹.2,32,000 के समर्थन स्तर से नीचे फिसलती है तो बिकवाली का दबाव और बढ़ सकता है, जिससे चांदी में अतिरिक्त कमजोरी देखने को मिल सकती है।

