New Delhi,
भारत में कंपनियां डिजिटल तकनीक में निवेश को लेकर तेजी से आगे बढ़ रही हैं। एक ताजा Report के अनुसार, देश की 71 प्रतिशत कंपनियां डिजिटल तकनीकों में बड़ा निवेश करने के लिए तैयार हैं, जो वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक है। यह आंकड़ा भारत में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल बदलाव को दर्शाता है। Report के अनुसार, भारत Industry 4.0 को अपनाने के मामले में दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल हो चुका है। यह स्थिति देश की तकनीकी प्रगति और औद्योगिक बदलाव की दिशा में मजबूत संकेत देती है।
अगले दशक में बड़े बदलाव की संभावना
MHP और LMU Munich द्वारा तैयार इस Report में बताया गया है कि दुनिया भर की अधिकांश कंपनियां आने वाले दशक में डिजिटलाइजेशन के कारण बड़े बदलाव की उम्मीद कर रही हैं। लगभग 31 प्रतिशत कंपनियों का मानना है कि उनके उद्योगों में मूलभूत परिवर्तन होगा, जबकि 51 प्रतिशत कंपनियां इसे संभावित मानती हैं। भारत इस बदलाव के दौर में अलग पहचान बना रहा है। Report के अनुसार, 44 प्रतिशत भारतीय उत्तरदाताओं का मानना है कि सॉफ्टवेयर आधारित तरीके पहले ही उनके उद्योगों को बदल रहे हैं। वहीं, जर्मनी, ऑस्ट्रिया और स्विट्जरलैंड जैसे देशों वाले क्षेत्र में यह आंकड़ा केवल 17 प्रतिशत है। यह अंतर भारत के मजबूत ‘software-first’ दृष्टिकोण और डिजिटल तकनीकों को तेजी से अपनाने की क्षमता को दर्शाता है। इससे यह संकेत मिलता है कि भारत संरचनात्मक बदलाव के लिए अधिक तैयार है।
निवेश के मामले में भारत आगे
Report में यह भी कहा गया है कि भारतीय कंपनियां नई तकनीकों में निवेश के मामले में अन्य बड़े वैश्विक बाजारों की तुलना में अधिक इच्छुक हैं। जहां भारत में 71 प्रतिशत कंपनियां निवेश के लिए तैयार हैं, वहीं मेक्सिको में यह आंकड़ा 65 प्रतिशत और अमेरिका में 59 प्रतिशत है। इसके विपरीत यूरोप के DACH क्षेत्र में केवल 29 प्रतिशत कंपनियां ही निवेश को लेकर सकारात्मक हैं। FOM University of Applied Sciences की क्रिस्टीना एस. राइख के अनुसार, यूरोप में कम निवेश का कारण वहां की कंपनियों का अधिक ध्यान लागत नियंत्रण और दक्षता पर होना है। इससे नवाचार और दीर्घकालिक विकास पर असर पड़ता है।
उभरते बाजार अपना रहे अलग रणनीति
Report में बताया गया है कि भारत, चीन और मेक्सिको जैसे उभरते बाजार अलग रणनीतियों पर काम कर रहे हैं। भारत विशेष रूप से गुणवत्ता सुधार और वैश्विक मानकों के अनुरूप खुद को ढालने पर ध्यान दे रहा है, ताकि नए बाजारों में विस्तार किया जा सके। Report में यह भी सामने आया कि एशियाई बाजार, खासकर चीन और अमेरिका, डिजिटल उत्पादन तकनीकों को यूरोप की तुलना में अधिक तेजी और बेहतर तरीके से अपना रहे हैं।

