नई दिल्ली,
SpaceX के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Elon Musk ने भारत में लगातार घट रही जन्म दर को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि भारत की जन्म दर अब उस Replacement Level से नीचे पहुंच गई है, जो किसी देश की जनसंख्या को स्थिर बनाए रखने के लिए आवश्यक मानी जाती है। सोशल मीडिया मंच X पर की गई एक पोस्ट में Elon Musk ने कहा कि भारत की जन्म दर अब Replacement Level से नीचे आ चुकी है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि देश के सबसे अधिक शिक्षित वर्ग में जन्म दर कई वर्ष पहले ही Replacement Level से नीचे चली गई थी।
Elon Musk की यह टिप्पणी उस आंकड़े के जवाब में आई, जिसे समाचार मंच AF Post ने साझा किया था। आंकड़ों के अनुसार भारत का कुल प्रजनन दर यानी Total Fertility Rate पहली बार देश के इतिहास में प्रति महिला 2.1 बच्चों के Replacement Level से नीचे पहुंच गया है। पिछले एक दशक के दौरान यह दर 2.3 से घटकर 1.9 रह गई है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि दिल्ली की प्रजनन दर घटकर 1.2 तक पहुंच गई है, जो फिनलैंड से भी कम है। यह स्थिति देश की राजधानी में तेजी से बदलती सामाजिक और पारिवारिक प्राथमिकताओं को दर्शाती है।
AF Post की रिपोर्ट में 4 जून को प्रकाशित The Economist की एक रिपोर्ट का भी उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि आने वाले वर्षों में भारत की जनसंख्या घटने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है और यह गिरावट पहले लगाए गए अनुमानों की तुलना में अधिक तेज हो सकती है। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष की वर्ष 2025 की State Of World Population Report में भी इस प्रवृत्ति को प्रमुखता से रेखांकित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार भारत की कुल प्रजनन दर प्रति महिला 1.9 जन्म तक गिर चुकी है, जो Replacement Level 2.1 से नीचे है। विशेषज्ञों के अनुसार जब किसी देश की प्रजनन दर Replacement Level से नीचे चली जाती है, तो समय के साथ नई पीढ़ियां पिछली पीढ़ियों की तुलना में छोटी होती जाती हैं। यदि प्रवास का प्रभाव न हो तो ऐसी स्थिति में कुल जनसंख्या धीरे-धीरे घटने लगती है।
हालांकि जन्म दर में गिरावट के बावजूद भारत अभी भी दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश बना हुआ है। देश की जनसंख्या 146 करोड़ से अधिक है। भारत ने वर्ष 2023 में चीन को पीछे छोड़कर विश्व में सबसे अधिक जनसंख्या वाले देश का स्थान हासिल किया था। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन अभी भी कई महत्वपूर्ण चुनौतियां मौजूद हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में सामाजिक और आर्थिक असमानता बनी हुई है, जबकि मातृ मृत्यु दर और लैंगिक भेदभाव जैसी समस्याएं भी चिंता का विषय हैं।
रिपोर्ट में कम उम्र में विवाह और किशोरावस्था में गर्भधारण को भी प्रमुख कारणों में शामिल किया गया है, जिनकी वजह से 24 वर्ष से कम आयु की महिलाओं में मातृ मृत्यु के मामले प्रभावित होते हैं। जनसंख्या विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा के बढ़ते स्तर, तेजी से हो रहा शहरीकरण, कार्यबल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और छोटे परिवारों की ओर बढ़ती प्राथमिकता भारत के कई क्षेत्रों में जन्म दर में गिरावट के प्रमुख कारण हैं। उनका कहना है कि आने वाले वर्षों में यह प्रवृत्ति भारत की जनसंख्या संरचना, श्रम बाजार, सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था और आर्थिक नीतियों पर व्यापक प्रभाव डाल सकती है।

