Friday, September 4, 2026 |
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मौसम ने बिगाड़ा कश्मीरी सेब का स्वाद

by Business Remedies
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उत्पादन में भारी गिरावट से दाम आसमान पर पहुंचे
कश्मीर के अधिकांश जिलों में इस बार सेब की फसल कम
कुलगाम और शोपियां जिले में फसल थोड़ी ठीक
श्रीनगर/जयपुर। बीआर न्यूज नेटवर्क
कश्मीर घाटी में इस साल मौसम की मार व ओलावृष्टि से सेब का उत्पादन बुरी तरह से प्रभावित है। सेब की 70 प्रतिशत से अधिक फसल खराब हो चुकी है। ऐसे में कश्मीर में सेब महंगा बिक रहा है तो देश के अन्य हिस्सों में भी सेब महंगा बिक रहा है। इसलिए इस बार आमजन को सेब का स्वाद कीमतों के कारण कड़वा लग सकता है।
कश्मीर घाटी में इस साल सेब के किसानों के लिए सीजन बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। बिगड़े मौसम की मार ने सेब की फसल को बुरी तरह प्रभावित किया है। इससे उत्पादन में भारी गिरावट आई है और बाजार में सेब के दाम आसमान छू रहे हैं। सेब की कमी और महंगे दामों के चलते इस बार सेब आमजन की पहुंच से बाहर हो रहा है। कश्मीर के अधिकांश जिलों में सेब की फसल इस बार काफी कम हुई है। निचले और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इसका असर सबसे ज्यादा दिखा है। कुलगाम और शोपियां जैसे कुछ क्षेत्रों में ही फसल थोड़ी बेहतर है, जबकि अन्य कई इलाकों में मौसम की मार ने उत्पादन को बुरी तरह घटा दिया। इस कारण कश्मीर के सेब बागों में ही सेब महंगा बिकता दिखाई दे रहा है।
सेब की फसल में शुरुआत से ही मुश्किलें
इस साल समस्या की शुरुआत सेब के पेड़ में फूल आने के दौरान ही हो गई थी। सेब के पेड़ों पर फूल आने के समय मौसम में अचानक बदलाव आया। कई इलाकों में बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और ठंड ने फूलों को नुकसान पहुंचाया। इसका सीधा असर फल लगने पर पड़ा। परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में फल कम लगे और फसल का आकार भी प्रभावित हुआ। मौसम की इस मार के कारण अच्छी गुणवत्ता वाले सेब की उपलब्धता भी कम हो गई है। कश्मीर में इस बार अच्छी क्वालिटी का सेब काफी महंगा बिक रहा है।
महंगाई से मुनाफा प्रभावित, किसान हुए परेशान
उत्पादन कम होने के साथ-साथ किसानों की लागत भी बढ़ गई है। मजदूरी, खाद, कीटनाशक, पैकेजिंग और ट्रांसपोर्ट के खर्च में वृद्धि हुई है। ऐसे में कम फसल और बढ़ते खर्च ने सेब उत्पादकों को मुश्किल के दौर में डाल दिया है। कई किसान बता रहे हैं कि इस बार सीजन चुनौतीपूर्ण रहा है और लागत की भरपाई के लिए बेहतर भाव की जरूरत है।
बाजार में दाम ऊंचे, व्यापार भी प्रभावित
फसल खराब होने का सीधा असर बाजार पर पड़ा है। जयपुर की मुहाना थोक मंडी में इन दिनों सेब 120 से 220 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा है। किसान इन भावों को अच्छा मान रहे हैं, लेकिन बढ़ती लागत को देखते हुए और बेहतर कीमत की मांग कर रहे हैं। वहीं, व्यापारी भी महंगे सेब से परेशान हैं। उनका कहना है कि ऊंचे दामों के बावजूद मुनाफा नहीं हो पा रहा है, क्योंकि खरीद लागत ज्यादा है और उपभोक्ता भी महंगे सेब से दूरी बनाए हुए हैं। कश्मीर के सेब उत्पादक अब उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सरकार और संबंधित एजेंसियां उनकी मदद के लिए कोई राहत पैकेज या सहायता योजना लेकर आएं, ताकि वे इस चुनौतीपूर्ण सीजन से उबर सकें।

– कश्मीर में इस बार कई जिलों में भारी ओलावृष्टि के कारण सेब की फसल को काफी नुकसान हुआ है। यह नुकसान कश्मीर घाटी के सभी सेब उत्पादक जिलों में हुआ है। ओले से सेब में छेद हो गए हैं। फसल में करीब 70 प्रतिशत तक नुकसान है। इस कारण इस बार कश्मीर में ही सेब महंगा बिक रहा है तो देश में तो महंगा होना ही है। साथ इस बार पहले ही फसल कम थी।
– एजाज अहमद शाह, सेब कारोबारी व उत्पादन, कश्मीर

– इस बार सेब की फसल में करीब 70 प्रतिशत नुकसान है। शोपियां, पुलवामा, सोपोर, गांदरबल, आधा कुलगाम व आधा अनंतनाग जिला इस बार प्रभावित है। इस बार बारिश से कश्मीर रीजन में कुछ गांव ही बचे हैं, जहां सेब की फसल थोड़ी ठीक है। बाकी सब जगह काफी नुकसान हुआ है। इसलिए इस बार सेब महंगा है। इस बार जुलाई में बारिश व ओलावृष्टि ने सेब की उपज को बुरी तरह से प्रभावित किया है।
– मोहम्मद अब्बास राठर, सेब उत्पादक व कारोबारी, कुलगाम

– शोपियां-पुलवामा और गांदरबल जिलों में इस बार सेब की फसल काफी खराब हुई है। बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि ने सेब उत्पादक किसानों को काफी नुकसान दिया है। केवल कुलगाम व अनंतनाग जिलों के कुछ गांवों में ही सेब की फसल बची है। फसल खराब होने से सेब के दामों में अच्छा-खासा उछाल देखा जा रहा है और कश्मीर सहित पूरे देश में सेब इन दिनों काफी महंगा बिक रहा है।
– इकबाल मंजूर भट, सेब उत्पादक व कारोबारी, कुलगाम

– सेब उत्पादन के हिमाचल और कश्मीर दो ही मुख्य स्रोत हैं और दोनों ही जगह इस बार मौसम की मार की वजह से सेब की फसल में काफी खराबा हुआ है। मंडियों में सेब कम आने के कारण इस बार सेब के दाम ऊंचे चल रहे हैं। वहीं सेब की फसल को आगे के लिए स्टोर भी किया जाता है। इस कारण इस बार सेब की उपलब्धता जयपुर सहित देश की मंडियों में कम ही रहेगी।
– कैलाश फाटक, अध्यक्ष, जयपुर मुहाना फल थोक विक्रेता संघ



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