बाजार में फिर दिखा दबाव
भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को कारोबारी सत्र के दौरान मिली शुरुआती बढ़त को गंवाते हुए गिरावट के साथ बंद हुआ। Crude Oil की बढ़ती कीमतों और Bond Yield में उतार-चढ़ाव से निवेशकों में Inflation Outlook और Interest Rate को लेकर चिंता बढ़ी, जिसका असर बाजार पर देखने को मिला।
Sensex और Nifty में गिरावट
दिन के अंत में Sensex 417.49 अंक या 0.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,152.86 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं Nifty 41 अंक या 0.17 प्रतिशत टूटकर 23,873.45 पर आ गया। बाजार में निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया और बड़ी खरीदारी से दूरी बनाए रखी।
Nifty के लिए 24,000 अहम स्तर
Market Experts के अनुसार, Nifty के लिए 24,000 का स्तर अभी भी महत्वपूर्ण Resistance Zone बना हुआ है। वहीं 23,800 का स्तर Immediate Support के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर Nifty 23,800 के नीचे जाता है तो Selling Pressure बढ़ सकता है और Index 23,600 के स्तर तक फिसल सकता है।
तेल कीमतों और महंगाई का असर
बाजार में कमजोरी की बड़ी वजह Crude Oil Prices में तेजी रही। महंगे तेल से Inflation बढ़ने की आशंका मजबूत हुई है, जबकि Bond Yield में बदलाव से Interest Rates लंबे समय तक ऊंचे बने रहने की चिंता बढ़ी है।
Bajaj Auto और Tech Mahindra में गिरावट
Nifty के प्रमुख शेयरों में Bajaj Auto, Tech Mahindra और Trent सबसे ज्यादा कमजोर रहे। इन शेयरों में गिरावट ने Benchmark Indices पर दबाव बनाया। वहीं Sectoral Performance मिलाजुला रहा।
Midcap और Smallcap शेयरों ने संभाला मोर्चा
जहां मुख्य सूचकांक कमजोर रहे, वहीं Broader Market में मजबूती देखने को मिली। Nifty MidCap Index में 0.37 प्रतिशत और Nifty SmallCap Index में 1.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। दूसरी ओर Nifty Realty Index में 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट रही। Nifty Media, Private Bank, PSU Bank और Bank Index भी कमजोरी के साथ बंद हुए।
Rupee में मजबूती जारी
इस बीच भारतीय Rupee में मजबूती देखने को मिली और यह Dollar के मुकाबले 94.48 के स्तर पर रहा। FCNR Deposits से मिलने वाली करीब $127 बिलियन की Dollar Liquidity ने Currency Market को सपोर्ट दिया। Experts के अनुसार Rupee में Positive Bias बना रह सकता है और इसके लिए 94.25–95.00 की Range महत्वपूर्ण रहेगी।

