Sunday, July 12, 2026 |
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भारत का 100 गीगावाट न्यूक्लियर ऊर्जा का लक्ष्य 2047 तक लक्ष्य हासिल करने का रोडमैप तैयार

भारत की मौजूदा क्षमता 8.8 गीगावाट

by Business Remedies
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जयपुर l बीआर न्यूज नेटवर्क |  भारत ने 2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर ऊर्जा क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के चेयरपर्सन घनश्याम प्रसाद ने बताया कि इस लक्ष्य को पाने के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया जा चुका है और कई स्तरों पर काम जारी है। वर्तमान में देश की न्यूक्लियर क्षमता 8.8 गीगावाट है, जिसे आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ाने की योजना है। यह लक्ष्य देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ा बदलाव लाने वाला माना जा रहा है।
स्पष्ट रोडमैप और नीति सुधार
सरकार ने लक्ष्य प्राप्ति के लिए ठोस योजना बनाई है, जिसमें विधायी सुधार को प्रमुख स्थान दिया गया है। शांति अधिनियम का अधिनियमन इस दिशा में बड़ा कदम है। आने वाले समय में नियम, प्रक्रियाएं और दिशा-निर्देश तैयार कर इस ढांचे को मजबूत किया जाएगा, जिससे निवेश और विकास को गति मिलेगी। इसके साथ ही सरकार न्यूक्लियर सेक्टर में पारदर्शिता और सुरक्षा मानकों को और सुदृढ़ करने पर भी जोर दे रही है, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भरोसा बढ़े और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा मिले।
निजी क्षेत्र की बढ़ती भूमिका
अभी तक न्यूक्लियर ऊर्जा क्षेत्र में एक ही कंपनी का दबदबा है, लेकिन भविष्य में 10 से 12 कंपनियों के प्रवेश की संभावना जताई गई है। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, निवेश आएगा और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी देखने को मिलेगी। निजी क्षेत्र की भागीदारी से नई तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ेगा और बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश संभव हो सकेगा, जिससे देश की ऊर्जा जरूरतों को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी।
ईंधन, स्थान और मानव  संसाधन पर फोकस
क्षमता विस्तार के लिए ईंधन सुरक्षा, उपयुक्त स्थान चयन और कुशल मानव संसाधन विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन तीन क्षेत्रों में सुधार से न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स की गति और दक्षता दोनों बढ़ेगी। साथ ही, रिसर्च और डेवलपमेंट पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि भारत स्वदेशी तकनीक विकसित कर सके और आयात पर निर्भरता कम हो।
सुरक्षित, स्थिर ऊर्जा और नई टेक्नोलॉजी
न्यूक्लियर ऊर्जा को विश्वसनीय और निरंतर बिजली आपूर्ति का मजबूत आधार माना जाता है। सही प्रबंधन के साथ यह सबसे सुरक्षित और स्थिर ऊर्जा स्रोतों में शामिल है, जो लंबे समय तक बिना बाधा के बिजली उत्पादन कर सकता है। इसके अलावा स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) जैसी उभरती टेक्नोलॉजी को भविष्य के लिए अहम माना जा रहा है। ये रिएक्टर आकार में छोटे, कम लागत वाले और तेजी से स्थापित किए जा सकते हैं, हालांकि यह तकनीक अभी विकास के चरण में है। आने वाले समय में इनका उपयोग स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और भारत को वैश्विक ऊर्जा बाजार में मजबूत स्थिति दिला सकता है।


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