Sunday, July 12, 2026 |
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भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 7.26 अरब डॉलर बढ़कर 674.193 अरब डॉलर पहुंचा, Gold Reserves में भी बढ़ोतरी

by Business Remedies
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मुंबई | एजेंसी | भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) 3 जुलाई 2026 को समाप्त सप्ताह में 7.26 अरब डॉलर बढ़कर 674.193 अरब डॉलर पहुंच गया।

आंकड़ों के मुताबिक, पिछले सप्ताह आई गिरावट के बाद विदेशी मुद्रा भंडार में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रिपोर्टिंग सप्ताह के दौरान भारत के सोने का भंडार (Gold Reserves) का मूल्य भी 2.669 अरब डॉलर बढ़कर 105.205 अरब डॉलर हो गया। इसके अलावा, International Monetary Fund (IMF) के पास भारत के Special Drawing Rights (SDR) में भी 6.5 करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी हुई और यह बढ़कर 18.623 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इससे पहले, 26 जून को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 5.65 अरब डॉलर घटकर 666.93 अरब डॉलर रह गया था। हालांकि हाल के सप्ताहों में विदेशी मुद्रा भंडार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, लेकिन भारत का Forex Reserve अब भी दुनिया के सबसे बड़े विदेशी मुद्रा भंडारों में शामिल है। हालांकि, यह अभी भी 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में दर्ज 728.494 अरब डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर से नीचे है।

इस बीच, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की संशोधित Foreign Currency Non-Resident Bank (FCNR-B) जमा योजना लागू होने के बाद बैंकों में विदेशों से आने वाले फंड का प्रवाह धीरे-धीरे बढ़ रहा है। बैंकिंग क्षेत्र को उम्मीद है कि इस महीने जागरूकता बढ़ने के साथ इसमें और तेजी आएगी। रिपोर्टों के मुताबिक, अब तक बैंक FCNR-B जमा योजना के तहत करीब 3 से 4 अरब डॉलर जुटा चुके हैं। बैंकर्स का मानना है कि आने वाले हफ्तों में, खासकर खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों (एनआरआई) से निवेश में और तेजी देखने को मिलेगी।

बैंकिंग क्षेत्र के अनुमान के अनुसार, संशोधित FCNR-B योजना के जरिए समय के साथ 40 से 50 अरब डॉलर तक की नई जमा राशि आकर्षित की जा सकती है। बैंकर्स का कहना है कि ऊंची ब्याज दरें और बैंकों की हेजिंग लागत वहन करने का आरबीआई का फैसला इस योजना में निवेश बढ़ाने में मदद करेगा। विदेशों में रहने वाले भारतीयों के बीच इस योजना के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए बैंक विशेष अभियान चला रहे हैं। प्रमुख विदेशी बाजारों में एनआरआई ग्राहकों से सक्रिय रूप से संपर्क किया जा रहा है, ताकि वे इस योजना का लाभ उठा सकें। बैंकिंग क्षेत्र को उम्मीद है कि खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासी इस योजना के तहत आने वाली नई जमा राशि में सबसे बड़ा योगदान देंगे।



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