मुंबई,
सस्टेनेबल और जिम्मेदार आतिथ्य की दिशा में इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड द्वारा शुरू की गई पहल ‘पथ्य’ को स्विट्जरलैंड स्थित आईएमडी बिज़नेस स्कूल ने अपनी विस्तृत केस स्टडी में शामिल किया है। यह अध्ययन कंपनी की संरचित सस्टेनेबिलिटी रणनीति और उसे मुख्य व्यावसायिक ढांचे में एकीकृत करने की प्रक्रिया का विश्लेषण करता है।
कंपनी के कार्यकारी उपाध्यक्ष (मानव संसाधन) श्री गौरव पोखरियाल ने कहा कि भारत की हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में अग्रणी भूमिका निभाते हुए इंडियन होटल्स कंपनी ने समय-समय पर नए मानक स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि सस्टेनेबल विकास अब केवल विकल्प नहीं बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी बन चुका है। ‘पथ्य’ ऐसा ढांचा है जिसमें वृद्धि और जिम्मेदारी एक साथ आगे बढ़ते हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी ने वर्ष 2030 के लक्ष्यों की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। अब तक 70 से अधिक बॉटलिंग प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। कुल जल उपयोग का 51 प्रतिशत पुनर्चक्रित किया जा रहा है। ऊर्जा की कुल खपत का 41 प्रतिशत हिस्सा नवीकरणीय स्रोतों से आ रहा है। इसके अतिरिक्त विभिन्न साझेदारियों के माध्यम से 73 कौशल केंद्रों को सक्षम बनाया गया है, जिनके जरिए 35,000 से अधिक वंचित युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
श्री पोखरियाल ने कहा कि आईएमडी बिज़नेस स्कूल जैसे प्रतिष्ठित वैश्विक संस्थान द्वारा ‘पथ्य’ फ्रेमवर्क को अपने अध्ययन में शामिल किया जाना कंपनी के लिए गर्व का विषय है। यह मान्यता दर्शाती है कि सस्टेनेबिलिटी कंपनी के व्यावसायिक मूल में समाहित है और इसके पीछे पूरी टीम का सामूहिक प्रयास है। इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड दक्षिण एशिया का सबसे प्रतिष्ठित, जिम्मेदार और लाभकारी हॉस्पिटैलिटी ईको-सिस्टम बनने के लक्ष्य के साथ परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ रही है। कंपनी का ईएसजी प्लस फ्रेमवर्क ‘पथ्य’ छह प्रमुख स्तंभों पर आधारित है, जिनमें विरासत संरक्षण, कॉर्पोरेट गवर्नेंस, सामाजिक दायित्व, पर्यावरणीय संरक्षण, पार्टनर ट्रांसफॉर्मेशन और सस्टेनेबल वृद्धि शामिल हैं।
वर्ष 2030 के लिए तय लक्ष्यों में सिंगल यूज़ प्लास्टिक का पूर्ण उन्मूलन, 50 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग, 100 प्रतिशत अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण और सभी होटलों को वैश्विक सस्टेनेबिलिटी मानकों के अनुरूप प्रमाणित करना शामिल है। कौशल विकास और रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी कंपनी ने महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं। इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड का उद्देश्य 1,00,000 से अधिक युवाओं की आजीविका पर सकारात्मक प्रभाव डालना है। भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तहत कंपनी ने यूनेस्को के साथ सहयोग स्थापित किया है, जिसके अंतर्गत जिन क्षेत्रों में कंपनी कार्यरत है वहां 100 प्रतिशत अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर परियोजनाओं को अपनाया जाएगा।

