बिजनेस रेमेडीज/चेन्नई। देश की प्रमुख वाहन विनिर्माता हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड ने कैलेंडर वर्ष 2024 में देश में अपनी 26 प्रतिशत वाहन-ढुलाई रेल मार्ग के माध्यम से की जिससे भारी मात्रा में कार्बन डॉइआक्साइड उत्सर्जन टाला जा सका। एमएमआईएल की जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार बीते वर्ष उसने कुल 1,56,724 वाहनों की ढुलाई रेल मार्ग से की और इससे उसके लॉजिस्टिक्स कार्य में 18,352 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन रोका जा सका। कंपनी ने 2024 में पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपने शत-प्रतिशत वाहन रेल-माध्यम से पहुंचाए। विज्ञप्ति के अनुसार कंपनी ने बताया है कि उसने 2021-2024 के बीच पिछले चार वर्षों में रेल द्वारा संचयी रूप से 5,37,499 इकाइयों की ढुलाई की जिससे 63,452 टन कार्बन डाइआक्साइड उत्सर्जन रोका है। एमएमआईएलके पूर्णकालिक निदेशक और मुख्य परिचालन अधिकारी तरूण गर्ग ने कहा, “एचएमआईएल अपने कारोबार में, चाहे वह विनिर्माण हो, प्रेषण, बिक्री या बिक्री के बाद की सेवाएं, पारिस्थितिकी की दृष्टि से स्वस्थ तरीकों को बढ़ावा देने को निरंतर प्रयासरत हैं।” उन्होंने कहा कि कंपनी ने चेन्नई में श्रीपेरंबुदूर स्थित अपने संयंत्र से पूरे भारत में कई स्थानों पर हुंडई वाहनों को पहुंचाने के लिए भारतीय रेलवे के व्यापक रेल-नेटवर्क का उपयोग किया है। इससे 2024 में 18,352 टन कार्बन डाइआक्साइड उत्सर्जन को प्रभावी ढंग से रोका जा सका। उन्होंने कहा, “ऐसे में जबकि भारत माल की तेज आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए समर्पित माल गलियारों और आधुनिक और ऊर्जा कुशल रोलिंग स्टॉक के साथ रेल बुनियादी ढांचे को लगातार उन्नत कर रही है, एचएमआईएल अपने लॉजिस्टिक संचालन को अनुकूलित करने के लिए रेल माल का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे उत्सर्जन में दीर्घकालिक कमी आएगी।”

