नई दिल्ली से आई ताज़ा खबर के अनुसार, केंद्र सरकार ने परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ और विविध ऊर्जा उपयोग को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी ड्राफ्ट अधिसूचना में ऑटोमोबाइल ईंधन की परिभाषा को विस्तारित करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें Ethanol और Biodiesel के उच्च मिश्रण को शामिल किया जाएगा।
इस प्रस्ताव के तहत Central Motor Vehicles Rules, 1989 में संशोधन कर Ethanol के 100 प्रतिशत (E100) और 85 प्रतिशत (E85) तक के मिश्रण को अनुमति देने की योजना है। इसके साथ ही Biodiesel के 100 प्रतिशत (B100) तक के उपयोग का भी प्रावधान किया गया है। यह कदम देश में Biofuel के उपयोग को बढ़ावा देने और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से लिया जा रहा है। ड्राफ्ट में Hydrogen-CNG से जुड़े शब्दों में भी सुधार प्रस्तावित है, जहां ‘Hydrogen + CN’ को बदलकर ‘Hydrogen + CNG’ किया जाएगा। इसके अलावा उत्सर्जन तालिकाओं में भी तकनीकी सुधार किए जाएंगे। वर्तमान में अप्रैल 2023 के बाद निर्मित वाहन E20 ईंधन के अनुरूप हैं, यानी वे 20 प्रतिशत तक Ethanol मिश्रण पर चल सकते हैं। कुछ विशेष मॉडल इससे अधिक मिश्रण को भी सपोर्ट करते हैं।
सरकार ने एक और अहम प्रस्ताव में कुछ वाहनों के लिए अधिकतम कुल वजन सीमा को 3,000 किलोग्राम से बढ़ाकर 3,500 किलोग्राम करने की बात कही है। इससे परिवहन क्षमता में वृद्धि होने की संभावना है। यह ड्राफ्ट अभी सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया गया है और सरकार ने 30 दिनों के भीतर आम जनता और संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। इसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, ये बदलाव नए ईंधन तकनीकों के अनुरूप नियमों को ढालने और भारत की दीर्घकालिक रणनीति के तहत जीवाश्म ईंधन आयात पर निर्भरता कम करने के लिए किए जा रहे हैं।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में Ethanol के उपयोग को बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य में भारत को 100 प्रतिशत Ethanol मिश्रण की दिशा में काम करना चाहिए, जिससे ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी। ब्राजील जैसे देशों ने पहले ही उच्च Ethanol मिश्रण को अपनाया है, जो भारत के लिए एक उदाहरण बन सकता है।
इसके अलावा, सरकार ने विमानन क्षेत्र में भी Biofuel के उपयोग को बढ़ावा देने के कदम उठाए हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने Aviation Turbine Fuel में Ethanol मिश्रण की अनुमति देने के लिए नियमों में संशोधन किया है। भारत ने Sustainable Aviation Fuel के लिए भी लक्ष्य तय किए हैं, जिसके तहत 2027 तक 1 प्रतिशत, 2028 तक 2 प्रतिशत और 2030 तक 5 प्रतिशत मिश्रण का लक्ष्य रखा गया है। यह कदम कार्बन उत्सर्जन को कम करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम माना जा रहा है।




