Mumbai,
वैश्विक तनाव के बीच सोना और चांदी की कीमतों में गुरुवार को बड़ी गिरावट देखी गई। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्य पूर्व विवाद पर दिए गए बयान के बाद निवेशकों की उम्मीदें टूट गईं, जिससे कीमती धातुओं में बिकवाली बढ़ गई।
सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट
Multi Commodity Exchange (MCX) पर सोना वायदा (5 June) में करीब 2.31 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह ₹1,50,145 प्रति 10 ग्राम के स्तर तक आ गया। दिन के दौरान ऊपरी स्तर पर भी सोना ₹1,52,490 पर रहा, जो 0.79 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, संघर्ष के समाधान को लेकर कोई ठोस संकेत नहीं मिलने से निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। चांदी वायदा (5 May) में और अधिक तेज गिरावट देखी गई। MCX पर यह 5.59 प्रतिशत टूटकर ₹2,29,888 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। हालांकि दिन के दौरान चांदी ने ₹2,42,800 का उच्च स्तर भी छुआ, लेकिन बाद में भारी दबाव में आ गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी रही। हाजिर सोना लगभग 2.26 प्रतिशत गिरकर $4,650.30 तक पहुंच गया, जबकि हाजिर चांदी 4.7 प्रतिशत गिरकर $71.50 रही। COMEX बाजार में सोना 2.73 प्रतिशत गिरकर $4,813 पर और चांदी करीब 6 प्रतिशत टूटकर $71 पर आ गई। विश्लेषकों का कहना है कि दोनों धातुओं की कीमतों का ढांचा फिलहाल कमजोर बना हुआ है। मध्य पूर्व में जारी तनाव के बावजूद सुरक्षित निवेश के रूप में इनकी मांग सीमित रही है। उनका मानना है कि निकट अवधि में बाजार में सावधानी बनी रहेगी और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के साथ भू-राजनीतिक घटनाक्रम कीमतों को प्रभावित करते रहेंगे।
ट्रंप के बयान का असर
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि एक महीने से चल रहा संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है, लेकिन उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अमेरिका दो से तीन सप्ताह के भीतर ईरान पर कड़ा सैन्य प्रहार कर सकता है। इस बयान से बाजार में अस्थिरता बढ़ गई और निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि सैन्य अभियान अपने लक्ष्य के करीब है और मध्य पूर्व के तेल पर निर्भर देशों से सहयोग की अपील की। इसी बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई, जिससे बाजार की चिंता और बढ़ गई। ब्रेंट क्रूड वायदा लगभग 5.24 प्रतिशत बढ़कर $106.47 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई वायदा 4.5 प्रतिशत चढ़कर $104.64 प्रति बैरल हो गया। तेल की कीमतों में इस तेजी ने भी बाजार के संतुलन को प्रभावित किया।

