बिजऩेस रेमेडीज/मुंबई भारत के 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को समर्थन देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, Godrej एंटरप्राइजेज Group के ऊर्जा समाधान व्यवसाय ने असम के गुवाहाटी में एक अग्रणी FMCG कंपनी की सुविधा के लिए 2 मेगावाट पीक सौर ऊर्जा परियोजना का अनुबंध हासिल किया है। यह परियोजना भारत के ऊर्जा आत्मनिर्भरता और सतत औद्योगिक विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप है, और नवीन, अनुकूलित नवीकरणीय समाधानों के माध्यम से भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को गति देने की गोदरेज की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
भारत के सबसे जिम्मेदार ब्रांडों में से एक होने के नाते, यह गोदरेज की FMCG क्षेत्र में पहली बड़ी सौर ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) परियोजना है, जो प्रति वर्ष लगभग 98.4 टन कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी और जो विभिन्न उद्योगों में अनुकूलित अक्षय ऊर्जा समाधान प्रदान करने में गोदरेज की बढ़ती क्षमताओं को प्रदर्शित करती है। यह अत्याधुनिक सौर संयंत्र सालाना लगभग 24 लाख किलोवाट-प्रतिघंटा हरित ऊर्जा उत्पन्न करेगा, जिससे इस सुविधा का कार्बन उत्सर्जन काफी हद तक घटेगा। यह सुविधा अब लगभग 1.4 करोड़ की वार्षिक ऊर्जा लागत की बचत करेगी। यह सौर संयंत्र कम से कम 25 वर्षों तक संचालित होगा और अपने जीवनकाल में कुल 57,000 मेगावाट-प्रतिघंटा स्वच्छ ऊर्जा उत्पन्न करेगा।
राघवेंद्र मिरजी, एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और बिजनेस हैड, Godrej एंटरप्राइजेज ने कहा कि यह सौर स्थापना हमारे नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। भारत का औद्योगिक क्षेत्र ऊर्जा परिवर्तन के एक निर्णायक मोड़ पर है, जहां कंपनियां यह समझ रही हैं कि नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाना केवल पर्यावरणीय रूप से आवश्यक ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी लाभकारी है। गोदरेज भारत का एक विश्वसनीय ब्रांड है और हम सभी क्षेत्रों में मापनीय और कुशल सौर समाधान प्रदान करके भारत के ऊर्जा परिवर्तन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह परियोजना दर्शाती है कि कैसे औद्योगिक सुविधाएं स्वच्छ ऊर्जा को अपनाकर अपनी परिचालन दक्षता में सुधार कर सकती हैं। यह परियोजना असम की प्रगतिशील नवीकरणीय ऊर्जा नीति के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य 2025 तक 2,000 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता स्थापित करना है, जिसमें सौर ऊर्जा को प्राथमिकता दी गई है। इस लक्ष्य में से 1,500 मेगावाट उपयोगिता स्तर की सौर परियोजनाओं और 500 मेगावाट रूफटॉप व वितरित सौर प्रणालियों के लिए निर्धारित हैं।

