FPI निवेश में तेजी
Mumbai में जारी आंकड़ों के अनुसार, Global Chip Trade में कमजोरी Indian Stock Market के लिए सकारात्मक संकेत बनकर उभरी है। 24 July तक Foreign Portfolio Investors यानी FPI ने भारतीय Equity Market में कुल 14,945 करोड़ रुपये का निवेश किया। इसमें 3,167 करोड़ रुपये Stock Exchanges और 11,778 करोड़ रुपये Primary Market के माध्यम से आए।
Debt Market में मजबूत Inflow
विश्लेषकों के मुताबिक, Debt Segment में FPI Inflow लगातार मजबूत बना हुआ है। इसका एक प्रमुख कारण सरकार द्वारा घोषित Debt Taxation Reforms को माना जा रहा है। वहीं, इस महीने FPIs South Korea और Taiwan जैसे Chip आधारित Markets में बड़े Seller बने हुए हैं।
भारत को मिल सकता है फायदा
Geojit Investments Ltd के Chief Investment Strategist Dr VK Vijayakumar ने कहा कि Chip Trade में कमजोरी भारत के लिए सकारात्मक है। हालांकि, West Asia में बढ़ते तनाव के कारण Brent Crude की कीमतों में आया उछाल चिंता बढ़ा रहा है। लंबे समय तक Crude Oil महंगा रहने से भारत के Macroeconomic Indicators प्रभावित हो सकते हैं।
Crude Price पर रहेगी नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि Crude Oil की कीमतों में गिरावट और स्थिरता आने पर FPIs भारतीय बाजार में लगातार Buyer बन सकते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में Crude Price निवेशकों और Market Analysts के लिए सबसे महत्वपूर्ण Data Point रहेगा।
Sensex और Nifty में गिरावट
बीता सप्ताह Stock Market के लिए कमजोर और Volatile रहा। Sensex 2.68 प्रतिशत गिरकर 76,059.77 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 2.33 प्रतिशत टूटकर 23,767.45 पर आ गया। बढ़ती Energy Prices, Bond Yields और Geopolitical Risks ने Investor Sentiment को प्रभावित किया।
Forex Reserves से राहत
Religare Broking Ltd के SVP Research Ajit Mishra के अनुसार, लगातार FII Selling से Financial Stocks पर दबाव बढ़ा। हालांकि, भारत का Foreign Exchange Reserve 964 Million Dollar बढ़कर 675.16 Billion Dollar पहुंच गया। अगले सप्ताह Global Policy Events, Domestic Macro Data और Earnings Season बाजार की दिशा तय करेंगे।

