केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का विकासोन्मुख पहला आम बजट गत दिवस पेश किया। बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हर किसी को कुछ ना कुछ देने का प्रयास किया है। इसे देश को प्रगति के पथ पर ले जाने वाला बजट कहे सकते हैं। बजट के माध्यम से विकसित भारत-२०४७ के विकास की रूपरेखा तैयार की है। बजट में औद्योगिक संसाधन, सामाजिक संरचना, रोजगार में वृद्धि, आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देना, शिक्षा एवं स्वास्थ्य, शहरी एवं ग्रामीण विकास, गरीब कल्याण, कृषि उत्पादन बढ़ाने, स्कील डवलपमेंट की ओर से रोजगार वृद्धि पर बल, विभिन्न क्षेत्रों में शोध और विकास, एमएसएमई क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रावधान किए गए है। इसके अलावा देश में पर्यटन विकास को बढ़ावा देने एवं मंदिरों के विकास को बढ़ावा देने की पहल की है। वहीं स्किल डवलपमेंट के लिए की गई घोषणा से नवीन रोजगार सृजन हो सकेंगे। कृषि को बढ़ावा देने के लिए बजट में कई घोषणाएं की गई है, जिससे कृषि अनुसंधान, भंडारण एवं विक्रय केंद्रों को बनाए जाना प्रमुख है। बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री ने किसानों पर विशेष फोकस किया है। वित्त मंत्री ने देश के 400 जिलों में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) का उपयोग करते हुए खरीफ फसलों का डिजिटल सर्वेक्षण करने का ऐलान किया है। 5 राज्यों में जनसमर्थन आधारित किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे। वहीं, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की वृद्धि और रोजगार सृजन में तेजी लाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सहयोग नीति तैयार करने की घोषणा की। इसके अलावा आमजन को आयकर में राहत प्रदान करते हुए तीन लाख रुपए वार्षिक आय को कर मुक् त किया है। इससे करदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही सोना, चांदी एवं प्लेटिनम पर सीमा शुल्क में कमी की घोषणा, स्टार्टअप के लिए एंजील टैक्स की समाप्ति तथा मध्यम वर्ग को कैपिटल गेन टैक्स में छूट दी है, जो राहतभरा कदम है। वित्त मंत्री ने बजट में मुद्रा लोन की सीमा को 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 20 लाख रुपए किया है। हालांकि इसके साथ कुछ शर्तें भी लगाई है। बजट में वेतनभोगियों के लिए स्टैण्डर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर ७५ हजार रुपए करने से उन्हें आयकर में कुछ राहत मिल सकेगी। वहीं बजट में सरलीकरण और डिजिटलाईजेशन पर भी जोर दिया गया है। इसके अलावा बजट में कैंसर की दवाओं पर कस्टम ड्यूटी घटाने की घोषणा भी सराहनीय कदम है। कुल मिलाकर यह कह सकते हैं कि बजट देश के सर्वांगीण विकास, समृद्धि और आमजन के जीवन स्तर में सुधार में सहायक सिद्ध हो सकेगा।

