बिजनेस रेमेडीज/दुबई। Gemstones and Jewelery Export Promotion Council (GJEPC) ने कहा है कि पश्चिम एशिया में भारतीय आभूषण निर्यातकों के लिए उभरते अवसर दिखाई दे रहे हैं, क्योंकि सऊदी अरब और कुवैत जैसे देशों में जड़े हुए सोने के आभूषणों की मांग बढ़ रही है। GJEPC ने दावा किया कि हाल के आंकड़ों से एक सकारात्मक रुझान का पता चला है, जो भारत के रत्नत्नऔर आभूषणों के पारंपरिक गढ़ जैसे अमेरिका और चीन के इतर क्षेत्रों में पर्याप्त वृद्धि को दर्शाता है। जीजेईपीसी ने कहा कि पश्चिम एशिया में उभरते हुए अवसर हैं, सऊदी अरब (26.05 प्रतिशत से अधिक) और कुवैत (87.99 प्रतिशत से अधिक) जैसे देशों में जड़े हुए सोने के आभूषणों की मांग बढ़ रही है। इसमें कहा गया, ‘‘सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और मलेशिया, विशेष रूप से, हाल के दिनों में तीन इंडिया इंटरनेशनल ज्वेलरी शो (IIJS) कार्यक्रमों प्रीमियर, सिग्नेचर और तृतीया – में भाग लेने वाले इन देशों के खरीदारों की बढ़ती संख्या के कारण निर्यात में वृद्धि देखी गई है। बयान में कहा गया, ‘‘भारतीय आभूषणों के उत्पाद इन बाजारों की विशिष्ट आवश्यकताओं के लिए उपयुक्त है, जो निर्यात में वृद्धि में योगदान देता है।’’
ये बाजार अपेक्षाकृत कम खंगाले गए हैं और भारतीय निर्यातकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसमें वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
GJEPC के चेयरमैन विपुल शाह ने बयान में कहा, ‘‘जैसे-जैसे हम नए क्षेत्रों में कदम रख रहे हैं, जड़े हुए आभूषणों के उत्पादन की श्रम-गहन प्रकृति ने समझदार वैश्विक ग्राहकों की परिष्कृत मांगों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।’’ उनके अनुसार, यह न केवल भारत की निर्यात क्षमताओं को बढ़ाता है बल्कि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भारतीय आभूषण शिल्प कौशल की प्रतिष्ठा को भी बढ़ाता है। जीजेईपीसी ने कहा कि वह भारत-यूएई व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) और भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (ECTA) जैसी विदेश व्यापार नीति पर भारत सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है और लक्षित पहल के माध्यम से नए बाजारों में प्रवेश करने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहा है

