Monday, July 6, 2026 |
Home Metro City Specialराजस्थान में छोटे व्यवसायिक ऋणों में 69% की वृद्धि: एक्सपीरियन के श्वेत पत्र में ऋण विस्तार में फिनटेक की भूमिका पर प्रकाश डाला गया

राजस्थान में छोटे व्यवसायिक ऋणों में 69% की वृद्धि: एक्सपीरियन के श्वेत पत्र में ऋण विस्तार में फिनटेक की भूमिका पर प्रकाश डाला गया

by Business Remedies
0 comments

बिजनेस रेमेडीज़/जयपुर। एक्सपीरियन इंडिया के एक नए श्वेत पत्र के अनुसार, राजस्थान में रु. 10 लाख से कम के व्यावसायिक ऋणों में 69% की प्रभावशालीवृद्धि देखी गई है, जो राज्य को भारत के बढ़ते छोटे-आकार के ऋण बाजार में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में स्थापित करता है। ‘स्मॉल इज़ बिग: हाउ फिनटेक्सआर रिवोल्यूशनिजिंग लेंडिंग’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में वित्तीय वर्ष 24 के दौरान वित्तीय वर्ष 23 की तुलना में राजस्थान की ऋण वृद्धि पर प्रकाश डाला गया है, जो फिनटेक-संचालित सोल्यूशन्स के जरिए वित्तीय समावेशन में राज्य की प्रगति को दर्शाता है।
हालांकि राजस्थान में रु. 1 लाख से कम के ऋणों के लिए व्यक्तिगत ऋण वृद्धि 3.5% पर मामूली रही, लेकिन फिनटेक कंपनियों ने व्यावसायिक ऋणों के क्षेत्र में बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
राजस्थान में, 53% आबादी ने फिनटेक ऋणदाताओं से रु. 10 लाख से कम के व्यावसायिक ऋण प्राप्त किए हैं, जो डिजिटल ऋण प्लेटफार्मों की सघन पहुंच को दर्शाता है। छोटे आकार वाले व्यावसायिक ऋणों में यह वृद्धि ऋण परिदृश्य को नया आकार दे रही है, जिससे क्षेत्र में न्यू-टू-क्रेडिट (एनटीसी) व्यक्तियों और छोटे व्यवसायों को महत्वपूर्ण वित्तीय पहुंच प्रदान की जा रही है।
श्वेत पत्र से पता चलता है कि फिनटेक कंपनियों ने मार्च 2024 तक पूरे देश में रु. 2,48,006 करोड़ से अधिक के वैयक्तिक ऋण और रु. 28,607 करोड़ के व्यावसायिक ऋण की सुविधा प्रदान की है। ये ऋण, जो अक्सर रु. 50,000 से कम के होते हैं, मुख्य रूप से न्यू-टू-क्रेडिट (एनटीसी) व्यक्तियों, कम क्रेडिट फाइलवाले लोगों और सब-प्राइम ऋण लेने वालों तक पहुंचे हैं, जिनमें से कई को पहले औपचारिक वित्तीय सिस्टम से बाहर रखा गया था।
एक्सपीरियन इंडिया के कंट्री मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष जैन ने कहा कि भारत में फिनटेक क्रांति अभी शुरू हुई है, और विकास की अपार संभावनाएं हैं। फिनटेक कंपनियों ने पहले ही उन लोगों को ऋण प्रदान करके एक बड़ा प्रभाव डाला है जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ किया जानाबाकी है। इस श्वेत पत्र में प्रस्तुत अंतर्दृष्टियाँ आगे आने वाले अवसरों और चुनौतियों दोनों को उजागर करती है।



You may also like

Leave a Comment