बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर
ERIS Lifesciences ने जयपुर, सीतापुरा में एक महत्वपूर्ण आयोजन का नेतृत्व किया, जहां पूरे भारत से 500 त्वचा विशेषज्ञ 2 किमी के वॉकथॉन में शामिल हुए। DERMACON 2025 के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सोरायसिस देखभाल में वजन प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करना और उपचार के बेहतर परिणामों के लिए जीवनशैली में बदलाव को प्रोत्साहित करना था।
सोरायसिस को अक्सर सह-रुग्णताओं से जोड़ा जाता है, जिसका अर्थ है कि इसके साथ होने वाली अन्य स्वास्थ्य स्थितियाँ। सबसे उल्लेखनीय संबंधों में से एक मेटाबोलिक सिंड्रोम है, जो ऐसी स्थितियों का समूह है जो हृदय रोग, स्ट्रोक और टाइप 2 मधुमेह के जोखिम को बढ़ाता है। अध्ययनों से पता चला है कि सोरायसिस से पीड़ित लोगों में मेटाबोलिक सिंड्रोम की व्यापकता अधिक होती है। विशेष रूप से, 39.3 प्रतिशत सोरायसिस रोगियों में मेटाबोलिक सिंड्रोम पाया जाता है। वजन घटाने को वैज्ञानिक रूप से सोरायसिस की गंभीरता में कमी से जोड़ा गया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि मोटापा और सोरायसिस में समान सूजन कारक होते हैं, और अधिक वजन सोरायसिस के लक्षणों को बढ़ा सकता है। हेल्थ आइकन मिलिंद सोमन इस वॉकथॉन में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए, जिन्होंने समग्र स्वास्थ्य के लिए जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया। इस पहल के बारे में बात करते हुए मिलिंद सोमन ने कहा कि फिटनेस संपूर्ण स्वास्थ्य की नींव है, और इसका क्रॉनिक बीमारियों जैसे सोरायसिस के प्रबंधन में महत्वपूर्ण योगदान है। नियमित शारीरिक गतिविधि और संतुलित पोषण को अपनाकर त्वचा और जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है। मुझे इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहल का हिस्सा बनकर खुशी हो रही है। दरअसल यह एक ऐसी पहल है, जो इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य पहलू पर प्रकाश डालती है। एरिस लाइफसाइंसेज के डॉ. वी. एस. जोशी, प्रेसिडेंट- मेडिकल सर्विस, डर्मा, ने कहा कि हमें गर्व है कि हमने इस पहल का नेतृत्व किया, जो न केवल सोरायसिस देखभाल पर ध्यान केंद्रित करती है, बल्कि जीवनशैली में बदलाव की शक्ति को भी दर्शाती है।

