- · बीईएसएस सेगमेंट में ₹1070 करोड़ का ऑर्डर
- · इन परियोजनाओं की कुल क्षमता 930 मेगावाट-घंटा
- · बिहार, असम और तेलंगाना में भौगोलिक विस्तार
नई दिल्ली: जल और अपशिष्ट-जल उपचार समाधान में विशेषज्ञता रखने वाली एक अग्रणी इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी एनवायरो इन्फ्रा इंजीनियर्स लिमिटेड (ईआईईएल) ने मार्च 2026 के दौरान पांच महत्वपूर्ण परियोजनाएं हासिल करने की घोषणा की है। यह उपलब्धि वित्त वर्ष के मजबूत समापन का संकेत देती है और कंपनी की विकास गति को और मजबूत करती है।
इन ऑर्डरों का कुल मूल्य 1,481 करोड़ रूपये है, जो कंपनी के ऑर्डर बुक में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी करता है और आने वाले समय के लिए राजस्व की बेहतर संभावनाएं प्रदान करता है।
इन परियोजनाओं की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि कंपनी ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के अंतर्गत बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) सेगमेंट में प्रवेश किया है। हालांकि ईआईईएल पहले से ही बी2बी क्षेत्र में सक्रिय रही है, लेकिन एनटीपीसी लिमिटेड से प्राप्त ये नए प्रोजेक्ट बड़े पैमाने पर ऊर्जा परियोजनाओं को निष्पादित करने की कंपनी की क्षमता को दर्शाते हैं।
इन परियोजनाओं को हासिल करना कंपनी के सतत विकास और स्वच्छ ऊर्जा समाधान पर दीर्घकालिक फोकस के अनुरूप है। ऐसे समय में जब भारत की बिजली व्यवस्था में ऊर्जा भंडारण की भूमिका तेजी से महत्वपूर्ण होती जा रही है—जो नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण, ग्रिड की विश्वसनीयता बढ़ाने और पीक डिमांड प्रबंधन में मदद करता है—ईआईईएल का बीईएसएस में प्रवेश रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत में बीईएसएस परियोजनाएं अभी शुरुआती चरण में हैं, इसलिए कंपनी को फर्स्ट-मूवर एडवांटेज मिलने की संभावना है, जिससे भविष्य में विकसित होते बाजार में उसकी स्थिति और मजबूत हो सकती है।
ईआईईएल का बीईएसएस क्षेत्र में प्रवेश भारत के तेजी से बढ़ते ऊर्जा भंडारण बाजार के अनुरूप है, जिसे नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण की आवश्यकता, बैटरी लागत में गिरावट और सरकारी नीतिगत समर्थन बढ़ावा दे रहे हैं। भारत ने अब तक अपनी आवश्यक बैटरी स्टोरेज क्षमता का 1% से भी कम विकसित किया है, जिससे लगभग 208 गीगावाट-घंटा की बड़ी कमी बनी हुई है। यह स्थिति स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में आने वाले दशक के सबसे बड़े मौकों में से एक को दर्शाती है।
जैसे-जैसे ग्रिड स्थिरता और पीक डिमांड प्रबंधन के लिए बीईएसएस की जरूरत बढ़ रही है, यह भविष्य की बिजली अवसंरचना का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनता जा रहा है।
इन परियोजनाओं के माध्यम से ईआईईएल ने बिहार, असम और तेलंगाना जैसे महत्वपूर्ण विकासशील राज्यों में भी अपनी भौगोलिक उपस्थिति का विस्तार किया है, जो शहरी अवसंरचना और ऊर्जा परिवर्तन दोनों के लिए अहम बाजार माने जाते हैं।
इस विकास पर कंपनी के चेयरमैन संजय जैन ने कहा, “हमें एनटीपीसी लिमिटेड से ये प्रतिष्ठित ऑर्डर प्राप्त करके खुशी हो रही है, जो नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में हमारे विविधीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम ग्रिड की स्थिरता सुनिश्चित करने और चौबीसों घंटे नवीकरणीय ऊर्जा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जैसे-जैसे भारत ऊर्जा परिवर्तन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, बीईएसएस एक बड़ा और दीर्घकालिक अवसर प्रस्तुत करता है। इस क्षेत्र में हमारा प्रवेश हमें भविष्य की ऊर्जा अवसंरचना निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की स्थिति में लाता है। हम इन परियोजनाओं को उच्चतम गुणवत्ता और दक्षता के साथ पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ने के साथ-साथ बीईएसएस अब पायलट चरण से आगे बढ़कर ग्रिड योजना का मुख्य हिस्सा बनता जा रहा है, जिससे यूटिलिटी-स्केल, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों में नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
कंपनी पहले से ही अपने मुख्य जल और अपशिष्ट-जल उपचार समाधान व्यवसाय में लगातार प्रगति कर रही है। मौजूदा नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो के साथ-साथ 1,070 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के बीईएसएस प्रोजेक्ट्स के जुड़ने से कंपनी की ऑर्डर बुक और मजबूत हुई है तथा यह जल, स्वच्छता और सतत ऊर्जा समाधान वाले विविधीकृत इंफ्रास्ट्रक्चर खिलाड़ी के रूप में उसके परिवर्तन को दर्शाता है।

