हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी आज राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाएगा। वर्ष, 2014 में केंद्र सरकार ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को एकता दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। राष्ट्रीय एकता दिवस भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय एकजुटता का प्रतीक है। राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह देशवासियों को स्मरण कराता है कि सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत के निर्माण में 562 रियासतों को एकजुट करने और आधुनिक भारत की नींव रखने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सरदार पटेल के नेतृत्व और राष्ट्रीय एकता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के कारण सरदार पटेल को राष्ट्रीय एकता के वास्तुकार और भारत के लौह पुरुष के रूप में जाना जाता है। सरदार वल्लभभाई पटेल देश के प्रथम गृह मंत्री और प्रथम उप-प्रधानमंत्री भी थे। सतपुड़ा और विंध्याचल पर्वत श्रृंखलाओं के बीच स्थित, एकता नगर विविधता में एकता की अवधारणा को दर्शाता है, जो प्राकृतिक सुंदरता को सांस्कृतिक समृद्धि के साथ जोड़ता है। भारत दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है, यहां विभिन्न धर्मों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं। यहां के लोग सभी उत्सव हंसी खुशी मिलकर मनाते हैं और राष्ट्र की एकता को बनाए रखते हैं। यही सारी चीजें राष्ट्र को सहारा और शक्ति प्रदान करती है। एकता की भावना लोगों को मतभेद भुलाकर एक-दूसरे के साथ मिलकर रहना सीखाती है। यह दिवस लोगों को एकता के महत्व और समानता के बारे में बताता है। राष्ट्र की एकता और अखंडता को बनाए रखने में प्रत्येक व्यक्ति की बराबर की भागीदारी मानी जाती है, क्योंकि किसी भी राष्ट्र की ताकत उसकी एकता को ही माना जाता है। जब भी देश के लोग एकजुट होकर कोई काम करते हैं, तो वे हर चुनौती को पार कर सकते हैं और देश सफलता की ऊंचाइयों को छू सकता है।

