विभिन्न देशों द्वारा आतंकवादियों को दी जाने वाली प्रत्यक्ष व परोक्ष मदद पर नजर रखने वाली वैश्विक आतंकवाद वित्तपोषण निगरानी संस्था यानी एफएटीएफ की हालिया रिपोर्ट चौंकाने वाली है। एफएटीएफ की रिपोर्ट में यह सनसनीखेज बात उजागर हुई है कि आतंकवादी वित्तीय संसाधन जुटाने व खतरनाक मंसूबों को अंजाम देने के लिये बड़े पैमाने पर ऑनलाइन सेवाओं का दुरुपयोग कर रहे हैं। रिपोर्ट खुलासा करती है कि वर्ष 2019 के पुलवामा आतंकी हमले में विस्फोटक पदार्थ का एक भाग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से खरीदा गया था। निश्चित रूप से जिस तेजी से आतंक का नेटवर्क ऑनलाइन बाजार का फायदा उठा रहा है, वह कानून की नियामक एजेंसियों के लिये चिंता का विषय होना चाहिए। बताया जा रहा है कि आतंकवादी इंटरनेट के जरिये विस्फोटक बनाने की तरकीब भी सीख रहे हैं। इंटरनेट से बम बनाने की तकनीक सीखने की खबरों के बीच हमारे नीति-नियंताओं को इस पर अंकुश लगाने की दिशा में गंभीर पहल करनी चाहिए। साथ ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों पर दबाव बनाना चाहिए कि वे आतंकवादियों के लिए मददगार सामान पर सख्ती से अंकुश लगाएं। इससे पहले एफएटीएफ ने संकेत दिए थे कि पाकिस्तान के सत्ता प्रतिष्ठान आतंकवादियों को न केवल पैसा व हथियार दे रहे हैं बल्कि उन्हें ट्रेनिंग देने में भी मदद की जा रही है। एफएटीएफ की रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि आतंकी मंसूबों को पूरा करने के लिये आतंकवादी ऑनलाइन सेवाओं के जरिये हथियार, रसायन और थ्री डी-प्रिंटिंग सामग्री भी खरीद रहे हैं। यह विडंबना ही है कि आम नागरिकों के जीवन को सरल-सुविधाजनक बनाने के लिये जिन ऑनलाइन सेवाओं की शुरुआत हुई थी, वह अब आतंकवादियों की मदद का साधन बन गई है।

