धीरे-धीरे केंद्रीय बजट का असर हर ओर दिखने लगा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले दिनों जो बजट पेश किया, उसमें पूंजीगत लाभ कर में बढ़ोतरी की गई है। इससे भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशक पैसा निकाल रहे हैं। इस वजह से अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया सर्वकालीक निचले स्तर पर आ गया है। डॉलर महंगा होने से आयातित ड्राई फ्रूट भी महंगे हो गए हैं। वहीं इन दिनों डॉलर के मुकाबले रुपया रिकार्ड लो स्तर पर है। इसका असर अन्य चीजों के अलावा ड्राई फ्रूट्स पर भी दिख रहा है। इस समय बाजार में काजू, किशमिश, बादाम, अखरोट, सभी के दाम भी बढ़ गए हैं। इसकी वजह से आने त्योंहारी सीजन मेंं मिठाइयों के दाम बढऩे के आसार हैं। इससे त्योंहारी सीजन में लोगों की जेब ढीली हो सकती है। जहां एक ओर विदेशी करंसी रुपया के मुकाबले महंगी हुई है। इसके अलावा ड्राई फ्रूट की सप्लाई प्रभावित होने के चलते इनके दाम में तेजी आई है। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ईरान, दक्षिण अफ्रीका समेत कई देशों से ड्राई फ्रूट्स की सप्लाई होती है। वहीं बीते 20 दिनों से काजू के साथ बादाम की डिमांड बढ़ गई है। सबसे ज्यादा डिमांड चार टुकड़े काजू की है। इसका इस्तेमाल मिठाइयों में किया जाता है, क्योंकि त्योंहारी सीजन अब शुरू होने वाला है। बड़ी-बड़ी कंपनियों जो मिठाई बनाती हैं, उन्होंने खरीदारी शुरू कर दी है। इसकी वजह से काजू के दाम में बढ़ोतरी हुई है। काजू की सप्लाई सबसे ज्यादा दक्षिण अफ्रीका से होती है। लेकिन कुछ दिनों से सप्लाई प्रभावित होने के चलते रॉ मटीरियल की कमी आई, जिससे काजू के दाम में बढ़ोतरी हुई है। ईरानी मामरा बादाम के दाम में भी बढ़ोतरी हुई है। इसके पीछे का कारण वहां करंसी में हुआ उतार-चढ़ाव है। पिछले कुछ दिनों में 1,000 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिकने वाली काजू की कीमत 1,200 रुपए किलो हो गई है। ईरानी मामरा बादाम जो पहले 2,000 रुपए प्रति किलो बिकता था, उसकी कीमत अब 2,600 रुपए तक पहुंच गई है। वहीं आने वाले दिनों में ड्राई फ्रूट्स के दाम में और तेजी आ सकती है। वहीं सरकार द्वारा बजट में पूंजीगत लाभ पर कर की दर बढ़ाने की घोषणा के बाद शेयर बाजार नीचे आ रहे हैं।

