परिवार की अहमियत को उजागर करने, सामाजिक, आर्थिक, और जनसंख्या संबंधी मुद्दों पर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य को लेकर अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस आज मनाया जाएगा। यह दिन हमें याद दिलाता है कि परिवार व्यक्ति के जीवन की नींव है और सामाजिक विकास में इसकी भूमिका अहम है।
परिवारों में बढ़ते तनाव, कामकाजी जीवन और परिवारिक जिम्मेदारियों के संतुलन जैसे मुद्दों पर चर्चा का अवसर देता है। यह दिन सरकारों, संस्थाओं और समाज को परिवारों के हित में काम करने के लिए प्रेरित करता है। कुल मिलाकर कह सकते हैं कि यह दिवस पारिवारिक संबंधों, भावनात्मक सहयोग और सामाजिक विकास के महत्व पर प्रकाश डालता है। परिवार हमारे जीवन का सबसे मूल्यवान भाग है। चाहे हम कितने भी व्यस्त क्यों न हों, परिवार ही वह आधार है जो हमें मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाता है। आज के भागमभाग जिंदगी और डिजिटल युग में जहां मोबाइल, सोशल मीडिया और इंटरनेट हमारे समय का बड़ा हिस्सा बनते जा रहे हैं, ऐसे में परिवार के साथ जुड़ाव बनाना कभी-कभी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। बच्चों और वयस्कों का ध्यान अक्सर स्क्रीन पर केंद्रित हो गया है, इससे पारिवारिक बातचीत और समय कम हो गया है। अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस के अवसर पर वर्तमान में यह बेहद जरूरी है कि हम परिवार से जुडऩे के स्मार्ट तरीके अपनाएं। छोटे-छोटे कदम जैसे एक-दूसरे के साथ भोजन करना, डिजिटल डिटॉक्स करना, साझा गतिविधियां करना और खुली बातचीत परिवार को मजबूत और खुशहाल बनाने में मदद कर सकते हैं। वर्ष,1993 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 15 मई को यह दिवस घोषित किया। पहला अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस वर्ष,१९९४ में विश्व स्तर पर मनाया गया। इस वर्ष की थीम-परिवार, असमानताएं और बाल कल्याण रहेगी। वैश्विक असमानताओं के बढऩे के साथ ही इस वर्ष का आयोजन इस बात पर केंद्रित है कि आर्थिक और सामाजिक असमानताएं पारिवारिक जीवन को कैसे आकार दे रही हैं और बच्चों के भविष्य को कैसे प्रभावित कर रही हैं?

