Monday, July 13, 2026 |
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अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में 1 प्रतिशत तक उछाल, वैश्विक बाजारों पर बढ़ा दबाव

by Business Remedies
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Crude Oil Prices Rise After US Iran Tensions Escalate Near Strait Of Hormuz

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण बुधवार को वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ बढ़त दर्ज की गई। अमेरिका द्वारा होरमुज़ जलडमरूमध्य के निकट ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किए जाने के बाद ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंकाएं बढ़ गई हैं। इस घटनाक्रम के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 1 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट कच्चा तेल लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ 93.26 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चा तेल 0.97 प्रतिशत बढ़कर लगभग 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया।

अमेरिकी सेना ने जानकारी दी कि उसने होरमुज़ जलडमरूमध्य के आसपास ईरान की वायु रक्षा प्रणाली, जमीनी नियंत्रण केंद्रों और निगरानी राडार ठिकानों पर आत्मरक्षा के तहत कार्रवाई की है। अमेरिकी केंद्रीय कमान के अनुसार यह अभियान क्षेत्र में अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना के बाद शुरू किया गया। हालांकि ईरान ने इस घटना में किसी भी प्रकार की भूमिका से इनकार किया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि हेलीकॉप्टर दुर्घटना एक आकस्मिक घटना थी और उसका इससे कोई संबंध नहीं है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद की जा रही थी। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिससे वैश्विक शेयर बाजारों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका में कच्चे तेल का भंडार लगातार आठवें सप्ताह घटा है। इससे भी कच्चे तेल की कीमतों को अतिरिक्त समर्थन मिला है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आपूर्ति संबंधी जोखिम और बढ़ते हैं तो आने वाले दिनों में तेल की कीमतों में और तेजी देखी जा सकती है।

इस बीच ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि इज़राइल लेबनान में हिज़्बुल्लाह संगठन पर हमले जारी रखता है तो क्षेत्र में संघर्ष दोबारा तेज हो सकता है। इस बयान ने पहले से मौजूद भू-राजनीतिक चिंताओं को और बढ़ा दिया है। एशियाई शेयर बाजारों में भी कमजोरी का माहौल रहा। जापान का निक्केई सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक 1 प्रतिशत से अधिक टूट गए। वहीं दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक लगभग 4 प्रतिशत तक लुढ़क गया।

अमेरिकी शेयर बाजार में भी मंगलवार को गिरावट दर्ज की गई। नैस्डैक कंपोजिट सूचकांक 0.97 प्रतिशत फिसला, जबकि एस एंड पी 500 सूचकांक में 0.26 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके विपरीत भारतीय शेयर बाजार में सुबह के कारोबार के दौरान मजबूती देखने को मिली। Nifty और Sensex शुरुआती कारोबार में लगभग 0.5 प्रतिशत तक बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। निवेशकों का मानना है कि घरेलू आर्थिक संकेतकों की मजबूती भारतीय बाजार को वैश्विक दबाव के बावजूद सहारा दे रही है।



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