मई महीने में इक्विटी म्यूचुअल फंडों में निवेशकों की रुचि मजबूत बनी रही। भारतीय म्यूचुअल फंड संघ (AMFI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मई के दौरान इक्विटी म्यूचुअल फंड योजनाओं में ₹.22,907.77 करोड़ का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया। यह दर्शाता है कि निवेशकों का भरोसा शेयर बाजार आधारित निवेश साधनों पर लगातार बना हुआ है।
म्यूचुअल फंड उद्योग की कुल प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां ₹.81.58 लाख करोड़ तक पहुंच गईं। वहीं कुल फोलियो की संख्या बढ़कर 27.65 करोड़ हो गई, जो वित्तीय बाजारों में खुदरा निवेशकों की लगातार बढ़ती भागीदारी का संकेत है। विभिन्न श्रेणियों में फ्लेक्सी-कैप फंड सबसे अधिक निवेश आकर्षित करने वाले रहे। इस श्रेणी में ₹.5,175.54 करोड़ का शुद्ध निवेश आया। इसके बाद स्मॉल-कैप फंडों में ₹.4,945.57 करोड़ और मिड-कैप फंडों में ₹.4,385.06 करोड़ का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया।
फ्लेक्सी-कैप, स्मॉल-कैप और मिड-कैप फंडों में संयुक्त रूप से ₹.14,500 करोड़ से अधिक का निवेश आया, जो महीने के कुल इक्विटी निवेश का 63 प्रतिशत से अधिक हिस्सा रहा। इससे स्पष्ट होता है कि निवेशक विविधीकृत और व्यापक बाजार आधारित निवेश रणनीतियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके अलावा लार्ज एंड मिड-कैप फंडों में ₹.3,278.22 करोड़ का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया, जबकि मल्टी-कैप फंडों में ₹.2,291.01 करोड़ का निवेश आया।
हाइब्रिड योजनाओं में भी निवेशकों का भरोसा कायम रहा। इस श्रेणी में कुल ₹.10,560.24 करोड़ का शुद्ध निवेश प्राप्त हुआ। हाइब्रिड योजनाओं में आर्बिट्राज फंड सबसे आगे रहे, जिनमें ₹.5,697.90 करोड़ का निवेश आया। वहीं मल्टी-एसेट एलोकेशन फंडों में ₹.3,928.51 करोड़ का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया। निष्क्रिय निवेश उत्पादों की बात करें तो इंडेक्स फंडों में ₹.943.26 करोड़ का शुद्ध निवेश आया। वहीं विदेशी बाजारों में निवेश करने वाले फंड ऑफ फंड्स में ₹.763.99 करोड़ का निवेश दर्ज किया गया।
हालांकि गोल्ड ईटीएफ से मई के दौरान ₹.725.04 करोड़ की शुद्ध निकासी हुई, जिससे संकेत मिलता है कि निवेशकों ने इस अवधि में सोने आधारित निवेश की तुलना में इक्विटी आधारित निवेश को अधिक प्राथमिकता दी। पहले अप्रैल महीने में भी म्यूचुअल फंड उद्योग में निवेशकों की मजबूत भागीदारी देखने को मिली थी। उस दौरान उद्योग में कुल निवेश प्रवाह बढ़कर ₹.3.22 लाख करोड़ पहुंच गया था, जबकि इक्विटी आधारित योजनाओं में ₹.38,440.20 करोड़ का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया था।

