New Delhi,
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में बुधवार को भारी गिरावट दर्ज की गई, जब अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने Iran के साथ दो सप्ताह के ceasefire की घोषणा की। इस घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें अचानक 20 प्रतिशत तक लुढ़क गईं, जिससे ऊर्जा संकट को लेकर बनी चिंताओं में राहत मिली है। Trump की घोषणा में Strait of Hormuz में समुद्री आवागमन बहाल करने का वादा शामिल है। यह जलमार्ग दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। Iran द्वारा पिछले कुछ हफ्तों से इस मार्ग पर प्रतिबंध लगाए जाने के कारण तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी।
अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में तेज गिरावट
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Brent crude की कीमत लगभग 16 प्रतिशत या 17.39 डॉलर गिरकर 91.88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। वहीं, अमेरिकी WTI crude में करीब 20 प्रतिशत या 21.90 डॉलर की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह 91.05 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। यह गिरावट बाजार में अचानक आई राहत का संकेत देती है। पिछले कुछ हफ्तों में Strait of Hormuz को लेकर अनिश्चितता के कारण तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया था। मार्च के दौरान कीमतों में 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई थी। इस जलमार्ग से कच्चे तेल के साथ-साथ तरलीकृत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति भी होती है, जो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Iran और अमेरिका के बीच तनाव में अस्थायी विराम
अमेरिका, Israel और Iran के बीच लगभग 40 दिनों से चल रहा तनाव अब दो सप्ताह के लिए थम गया है। यह संघर्ष फरवरी में शुरू हुआ था और लगातार बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बनी हुई थी। Iran के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भी संकेत दिया कि यदि उन पर हमले बंद होते हैं, तो Iran अपनी सैन्य गतिविधियां रोक देगा। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि Strait of Hormuz से सुरक्षित आवागमन दो सप्ताह तक सुनिश्चित किया जाएगा। इस घटनाक्रम के बाद भारतीय share market में भी मजबूत तेजी देखने को मिली। stock market update के अनुसार, शुरुआती कारोबार में Sensex लगभग 4 प्रतिशत उछल गया, जबकि Nifty में करीब 3.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। निवेशकों में सकारात्मक भावना के चलते बाजार में खरीदारी बढ़ी।



