Saturday, July 4, 2026 |
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केंद्र की बड़ी तैयारी: कोयला गैसीकरण परियोजनाओं के लिए ₹.35,000करोड़ की नई प्रोत्साहन योजना संभव

by Business Remedies
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Centre Likely To Approve Fresh Incentive Package For Coal Gasification Projects In India

Stock Market से अलग एक बड़ी आर्थिक खबर में केंद्र सरकार इस महीने कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए नई प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दे सकती है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, इस नई योजना का अनुमानित आकार ₹.35,000करोड़ से अधिक हो सकता है। इससे देश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ाने और आयात पर निर्भरता घटाने का रास्ता मजबूत होगा। कोयला मंत्रालय द्वारा तैयार किया गया प्रस्ताव केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामने रखा जाएगा। यह योजना जनवरी2024 में स्वीकृत ₹.8,500करोड़ की पहले वाली योजना का विस्तारित रूप होगी, जिसने भारत में कोयला गैसीकरण की बुनियाद रखी थी।

नई योजना का मुख्य उद्देश्य देशभर में सतही कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं की गति तेज करना है। इसके जरिए भारत तरलीकृत प्राकृतिक गैस, यूरिया, अमोनियम नाइट्रेट और अमोनिया के आयात पर निर्भरता कम करना चाहता है। साथ ही वर्ष2030 तक 100मिलियन टन कोयला गैसीकरण क्षमता हासिल करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को भी तेजी से पूरा करने की तैयारी है।

सरकार का यह कदम ऐसे समय आ रहा है जब पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण तरलीकृत प्राकृतिक गैस, उर्वरक और उर्वरक कच्चे माल की आपूर्ति शृंखला प्रभावित हुई है। इससे कई देशों की ऊर्जा और कृषि लागत पर दबाव बढ़ा है। भारत अब घरेलू संसाधनों के जरिए इस जोखिम को कम करना चाहता है।

इस वर्ष फरवरी में कोयला मंत्रालय ने बताया था कि ₹.8,500करोड़ की कोयला गैसीकरण प्रोत्साहन योजना की श्रेणी-दो के तहत चयनित आवेदकों को Letters Of Award जारी किए गए हैं। यह योजना देश के कार्बन उत्सर्जन को घटाने और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। इस योजना के तहत निजी कंपनियों और सार्वजनिक उपक्रमों को प्रति परियोजना ₹.1,000करोड़ तक या कुल पूंजीगत व्यय का 15प्रतिशत, जो भी कम हो, सहायता दी जा रही है।

जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड की ओडिशा के अंगुल स्थित 2एमएमटीपीए क्षमता वाली परियोजना को ₹.569.05करोड़ की वित्तीय सहायता मिली है। ₹.3,793करोड़ की यह परियोजना कोयले को Direct Reduced Iron में बदलने का कार्य करेगी। न्यू एरा क्लीनटेक सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड को महाराष्ट्र के भद्रावती, चंद्रपुर स्थित परियोजना के लिए ₹.1,000करोड़ की सहायता दी गई है। ₹.6,976करोड़ लागत वाली यह परियोजना 0.33एमएमटीपीए अमोनियम नाइट्रेट और 0.1एमएमटीपीए हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य रखती है।

इसी तरह ग्रेटा एनर्जी लिमिटेड को महाराष्ट्र के एमआईडीसी भद्रावती, चंद्रपुर स्थित परियोजना के लिए ₹.414.01करोड़ की सहायता मिली है। कोयला गैसीकरण अभियान का उद्देश्य नई तकनीक को बढ़ावा देना, कार्बन उत्सर्जन में बड़ी कमी लाना, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करना और भारत के लिए अधिक टिकाऊ ऊर्जा ढांचा तैयार करना है। यदि नई योजना को मंजूरी मिलती है, तो यह देश के औद्योगिक और ऊर्जा क्षेत्र के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकती है।



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