Sunday, July 12, 2026 |
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पेट्रोल में अधिक इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन पर केंद्र सरकार ने हटाई उत्पाद शुल्क, स्वच्छ ईंधन को मिलेगा बढ़ावा

by Business Remedies
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Government Removes Excise Duty On Petrol With 22 Percent To 30 Percent Ethanol Blending In India

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने पेट्रोल में अधिक मात्रा में इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब 22प्रतिशत से 30प्रतिशत तक इथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क नहीं लगाया जाएगा। सरकार का यह कदम देश में जैव ईंधन के उपयोग को बढ़ाने, कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण अनुकूल ईंधन को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नई व्यवस्था के तहत भारतीय मानक ब्यूरो के मानकों के अनुरूप 22प्रतिशत, 25प्रतिशत, 27प्रतिशत और 30प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण वाले मोटर स्पिरिट अर्थात पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क की दर शून्य कर दी गई है। यह छूट केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1944 की धारा 5A के अंतर्गत प्रदान की गई है। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि E22, E25, E27 और E30 श्रेणी के पेट्रोल को इस छूट का लाभ मिलेगा। ये ईंधन पेट्रोल और इथेनॉल के निर्धारित अनुपात वाले मिश्रण हैं, जिनमें इथेनॉल और शुल्क चुकाए गए पेट्रोल घटकों पर लागू केंद्रीय, राज्य, केंद्र शासित प्रदेश अथवा एकीकृत कर यथावत लागू रहेंगे।

सरकार पिछले कुछ वर्षों से पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण बढ़ाने की नीति पर लगातार काम कर रही है। इसका उद्देश्य विदेशी मुद्रा की बचत करना, कच्चे तेल के आयात को कम करना, किसानों की आय बढ़ाना तथा घरेलू स्तर पर नवीकरणीय ईंधन के उपयोग को प्रोत्साहित करना है। राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति के अंतर्गत इथेनॉल मिश्रण के लक्ष्य निर्धारित किए गए थे, जिन्हें समय से पहले पूरा करने में भारत ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। हाल ही में सरकार ने ऐसे वाहनों के लिए E85 ईंधन भी शुरू किया है, जो फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक के अनुरूप तैयार किए गए हैं। इससे भविष्य में वैकल्पिक और स्वच्छ ईंधन के उपयोग को और अधिक गति मिलने की उम्मीद है।

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में कहा था कि वर्ष 2014 में पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण की हिस्सेदारी केवल 1.5प्रतिशत थी, जो जून 2022 तक बढ़कर 10प्रतिशत हो गई। इसके बाद इथेनॉल मिश्रण को और तेजी से बढ़ाया गया तथा 20प्रतिशत मिश्रण का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले हासिल कर लिया गया। उन्होंने बताया कि सरकार ने वर्ष 2030 तक 20प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य रखा था, लेकिन यह उपलब्धि वर्ष 2024 में ही प्राप्त कर ली गई। सरकार का मानना है कि इथेनॉल मिश्रण बढ़ने से प्रदूषण में कमी आएगी, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और देश के कृषि क्षेत्र को भी अतिरिक्त लाभ मिलेगा।



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