Monday, July 13, 2026 |
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भारत के ऑटो कलपुर्जा क्षेत्र की आय 10 वर्षों में बढ़कर ₹.5 लाख करोड़ पहुंची, आगे भी तेज वृद्धि की उम्मीद

by Business Remedies
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India Auto Ancillary Sector Revenue Reaches ₹.5 Lakh Crore With Strong Future Growth Prospects

नई दिल्ली: भारत के सूचीबद्ध ऑटो कलपुर्जा क्षेत्र की आय पिछले 10 वर्षों में लगभग तीन गुना बढ़कर ₹.5 लाख करोड़ तक पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2016 से वित्त वर्ष 2026 के दौरान इस क्षेत्र ने 11 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की है। यह जानकारी गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई। इक्विरस सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले वर्षों में भी यह क्षेत्र मजबूत वृद्धि के रास्ते पर बना रहेगा। रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2028 के बीच लाभ में 21 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर का अनुमान लगाया गया है। इस वृद्धि को वाहनों में बढ़ते कलपुर्जा मूल्य, प्रीमियम उत्पादों की मांग, निर्यात अवसरों और इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग से समर्थन मिलने की संभावना है।

रिपोर्ट के मुताबिक विभिन्न श्रेणियों में बॉडी एवं ग्लास खंड आने वाले वर्षों के लिए सबसे आकर्षक अवसरों में शामिल है। इस खंड में वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2028 के दौरान लाभ में 30 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर का अनुमान लगाया गया है। इसके अलावा इलेक्ट्रिकल्स एवं लाइटिंग तथा सस्पेंशन एवं चेसिस खंडों को भी पसंदीदा श्रेणियों के रूप में चिन्हित किया गया है। इन क्षेत्रों को दीर्घकालिक संरचनात्मक वृद्धि कारकों से लाभ मिलने की संभावना जताई गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले दशक के दौरान उद्योग ने मजबूत समग्र वृद्धि दर्ज की, लेकिन विभिन्न खंडों का प्रदर्शन एक-दूसरे से काफी अलग रहा। इलेक्ट्रिकल्स एवं लाइटिंग सबसे तेज गति से बढ़ने वाली श्रेणी रही, जहां आय में 17 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की गई। वहीं बैटरी खंड की वृद्धि दर 8 प्रतिशत रही, जो पूरे उद्योग की तुलना में धीमी रही। बॉडी एवं ग्लास खंड ने इस अवधि में 12 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर हासिल की। अध्ययन में पाया गया कि निगरानी में शामिल 52 कंपनियों में से 28 कंपनियों ने वित्त वर्ष 2016 से वित्त वर्ष 2026 के दौरान क्षेत्र की औसत आय वृद्धि दर से बेहतर प्रदर्शन किया।

रिपोर्ट के अनुसार जिन कंपनियों ने उद्योग के औसत से बेहतर प्रदर्शन किया, उनकी सबसे बड़ी विशेषता विविधीकरण रही। जिन व्यवसायों ने अधिग्रहण, नए उत्पादों, नए ग्राहकों और भौगोलिक विस्तार के माध्यम से अपने कारोबार का विस्तार किया, उन्होंने लगातार बेहतर वृद्धि दर्ज की। इसके विपरीत केवल एक ही वृद्धि स्रोत पर निर्भर कंपनियों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। ब्रोकरेज संस्था ने वाहनों में प्रति इकाई कलपुर्जा मूल्य बढ़ने को भी महत्वपूर्ण कारक बताया। प्रीमियम उत्पादों की बढ़ती मांग, वाहनों का विद्युतीकरण और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बढ़ती हिस्सेदारी ने कलपुर्जा निर्माताओं के लिए दीर्घकालिक वृद्धि के नए अवसर पैदा किए हैं। हालांकि केवल नियामकीय बदलावों पर आधारित वृद्धि समय के साथ सामान्य होने लगती है।

पिछले दशक में निर्यात भी इस क्षेत्र की वृद्धि का प्रमुख आधार बनकर उभरा है। इसके साथ ही ऑटोमोबाइल आपूर्ति श्रृंखला में स्थानीय उत्पादन और मूल्य संवर्धन बढ़ने से भी उद्योग को मजबूती मिली है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2027 में प्रवेश करते समय उद्योग की वित्तीय स्थिति पिछले 10 वर्षों की तुलना में सबसे मजबूत स्तर पर है। शुद्ध ऋण और ईबिट्डा अनुपात वित्त वर्ष 2022 के 0.49 गुना से सुधरकर वित्त वर्ष 2026 में 0.18 गुना पर पहुंच गया है। यह बेहतर नकदी प्रवाह, कम ऋण भार और कार्यशील पूंजी प्रबंधन में सुधार का संकेत है।



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