Sunday, July 12, 2026 |
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कृषि, संबद्ध क्षेत्रों के लिए 14,000 करोड़ रुपये के सात कार्यक्रमों को केंद्र ने मंजूरी दी

by Business Remedies
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बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के मकसद से सोमवार को कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए लगभग 14,000 करोड़ रुपये के परिव्यय वाले सात बड़े कार्यक्रमों की घोषणा की।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कृषि क्षेत्र से संबंधित सात बड़े कार्यक्रमों को मंजूरी दी गई। इनमें 2,817 करोड़ रुपये का डिजिटल कृषि मिशन और फसल विज्ञान के लिए 3,979 करोड़ रुपये की योजना शामिल है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल में लिए गए इस निर्णय की संवाददाताओं को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन व्यापक कृषि कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना है।
इन कार्यक्रमों का ध्यान मुख्य रूप से कृषि क्षेत्र में अनुसंधान और शिक्षा, जलवायु बदलावों से तालमेल बिठाने, प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन और डिजिटलीकरण के साथ बागवानी और पशुधन क्षेत्रों के विकास पर होगा।

मंत्रिमंडल ने खाद्य एवं पोषण सुरक्षा कार्यक्रमों के लिए फसल विज्ञान को मंजूरी दी है और इसके लिए कुल 3,979 करोड़ रुपये का परिव्यय किया गया है। इस कार्यक्रम में छह बिंदुओं पर बल दिया गया है, जिनका उद्देश्य वर्ष 2047 तक जलवायु अनुकूल फसल विज्ञान और खाद्य सुरक्षा के लिए किसानों को तैयार करना है। ये छह बिंदु अनुसंधान और शिक्षा, पादप आनुवंशिक संसाधन प्रबंधन, खाद्य और चारा फसल के लिए आनुवंशिक सुधार, दलहन एवं तिलहन फसल सुधार, वाणिज्यिक फसलों में सुधार और कीटों, सूक्ष्म जीवों एवं परागण तत्वों से जुड़े शोध से संबंधित हैं। वैष्णव ने कहा कि मंत्रिमंडल ने कृषि शिक्षा, प्रबंधन और सामाजिक विज्ञान को मजबूत करने के लिए 2,291 करोड़ रुपये के परिव्यय को मंजूरी दी। यह कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के मातहत संचालित किया जाएगा। इसका उद्देश्य नई शिक्षा नीति, 2020 के अनुरूप कृषि शोध एवं शिक्षा को आधुनिक बनाना है। डिजिटल बुनियादी अवसंरचना, एआई, बिग डेटा, रिमोट जैसी नवीनतम प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा और कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती और जलवायु सहजता शामिल हैं। मंत्रिमंडल ने 2,817 करोड़ रुपये के कुल निवेश के साथ डिजिटल कृषि मिशन को भी मंजूरी दी। इस परियोजना के आधार स्तंभ कृषि ढांचा और कृषि निर्णय सहायता प्रणाली हैं।

मंत्री ने कहा कि पशुधन के सतत स्वास्थ्य और उनके उत्पादन के लिए 1,702 करोड़ रुपये की योजना को भी मंजूरी दी गई है। वैष्णव ने कहा कि मंत्रिमंडल ने बागवानी के लिए 860 करोड़ रुपये, कृषि विज्ञान केंद्रों के लिए 1,202 करोड़ रुपये और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन को मजबूती देने के लिए 1,115 करोड़ रुपये की योजना को भी मंजूरी दी है।

कृषि क्षेत्र से संबंधित इन सातों कार्यक्रमों के लिए कुल आवंटन 13,960 करोड़ रुपये से अधिक का है।



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