Friday, July 3, 2026 |
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भारतीय शिक्षा बोर्ड के प्रांतीय कार्यालय का लखनऊ में दिव्य उद्घाटन

प्रदेश की शिक्षा मंत्री बोली, जहां Swami Ramdev जैसा संत हो, वह विश्व व्यापी पैर पसारेगा

by Business Remedies
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आतंकवादी और व्याभाचारी नहीं होगा भारतीय शिक्षा बोर्ड का पढ़ा कोई बच्चा: Swami Ramdev

हरिद्वार/लखनऊ: भारतीय शिक्षा बोर्ड के प्रांतीय कार्यालय का दिव्य उद्घाटन उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री माध्यमिक शिक्षा Gulab Devi, पूज्य Swami Ramdev, विशिष्ट अतिथि Dr NP Singh सहित संतों के सानिध्य में दीप प्रज्वलित करके किया गया। प्रांतीय कार्यालय Christian College Lucknow के प्रांगण में खुला है। इस अवसर पर पावन सानिध्य दे रहे Swami Ramdev ने कहा कि जिस तरह से योग क्रांति की शुरुआत हुई थी। ठीक उसी तरह Uttar Pradesh की Lucknow की इस धरा से शिक्षा की क्रांति की शुरुआत होने जा रही है। जिसके मूल में भारतीय शिक्षा बोर्ड है। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा बोर्ड से पढ़ने वाला कोई बच्चा आतंकवादी और व्यवभाचारी नहीं बनेगा। भारतीय शिक्षा बोर्ड देश ही नहीं दुनिया तक अपनी डंका बजायेगा। Macaulay के पाप को हम मिटा कर रहेंगे।

दीप प्रज्जवलन के बाद शिक्षा संवाद के दौरान मुख्य अतिथि मंत्री माध्यमिक शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) Gulab Devi ने कहा कि अंग्रेजी स्कूलों में जो शिक्षा दी जा रही है, वह दिशाहीन हो चुकी हैं। पाश्चात्य संस्कृति की ओर वह प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि इस स्कूल के बच्चे अपने माता-पिता को सुबह उठकर प्रणाम करना भूल चुके हैं। क्या ऐसी शिक्षा की कल्पना हमने की थी। उन्होंने कहा कि Swami Ramdev ने भारतीय शिक्षा बोर्ड के तहत जो बीड़ा उठाया है, वह निश्चित तौर पर बच्चों के चरित्र निर्माण करेगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि Uttar Pradesh सरकार से भारतीय शिक्षा बोर्ड के लिए जो भी सहयोग होगा, वह सरकार के स्तर पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा बोर्ड तो संतों की लीला है। जहां Swami Ramdev जैसे संत हो, वहां का बोर्ड निश्चित तौर पर विश्व स्तर पर अपनी पहचान स्थापित करेगा। उन्होंने गुरु और Doctor का उदाहरण दिया। कहा कि गुरू बच्चों के जीवन में आध्यात्मिकता लाता है और बच्चे भावनात्मक रूप से जुड़ जाते हैं। इसलिए शिक्षकों का आचरण और व्यवहार बच्चों के प्रति बहुत अच्छा होना चाहिए जबकि Doctor भी कुछ इसी तरह की भूमिका निभाता है। वह हमारे जीवन को बचाता है। उस वक्त हम अपना पूरा समर्पण Doctor को कर देते हैं।

अपना पावन सानिध्य देते हुए Swami Ramdev ने कहा कि योग क्रांति के बाद अब शिक्षा को लेकर बड़ी क्रांति होने जा रही है। जो भारतीय शिक्षा बोर्ड के तहत होगी। Swami Ramdev ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि भारतीय शिक्षा बोर्ड से पढ़ने वाले बच्चे आतंकवादी नहीं बनेगी। क्रूर नहीं होंगे। हिंसक नहीं होंगे। मानवीय संस्कृति की हत्या करने वाले नहीं होंगे। आज पूरी दुनिया की स्थिति शिक्षा को लेकर बेहद खराब हो चुकी है। माता-पिता चिंतित है कि उनका बेटा आज की शिक्षा लेकर क्या बनेगा क्योंकि आज mobile और social media की वजह से बच्चे digital addiction के शिकार हो चुके हैं। जिसकी वजह से वह संस्कार और संस्कृति को भूलते जा रहे हैं। नतीजा, school, college और university में पढ़ने वाले बीड़ी, cigarette और शराब पी रहे हैं। ऐसे में संस्कारवान और समृद्ध राष्ट्र की कल्पना कैसे की जा सकती है? इसी दौरान उन्होंने बचपन में Elon Musk की पिटाई का संदर्भ भी जोड़ा। जिसकी वजह से आज भी उनमें कहीं न कहीं गुस्सा दिखाई देता है। Swami Ramdev ने कहा इन्हीं सब चीजों से बच्चों को बचाने के लिए भारतीय शिक्षा बोर्ड काम कर रहा है। भारतीय शिक्षा बोर्ड निश्चित तौर पर राष्ट्र का निर्माण करेगी। उन्होंने कहा कि Macaulay ने जो पाप किया था, उसे भारतीय शिक्षा बोर्ड के जरिये ही खत्म किया जा सकता है। आज 190 साल बाद Macaulay के पाप को हम याद कर रहे हैं। इसलिए जरूरी है कि 21 वीं सदी में भारतीय शिक्षा बोर्ड से जो यात्रा प्रारंभ हुई है। वह नया भारत का निर्माण करेगी। इसमें सभी की आहूति की जरूरत होगी।

परम पूज्य Swami Ramdev ने कहा कि इस साल एक लाख विद्यालयों को भारतीय शिक्षा बोर्ड से जोड़ा जाएगा। इसमें सबसे अधिक संख्या Uttar Pradesh की होगी। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा बोर्ड आधुनिक और प्राचीन शिक्षा का बेजोड़ संगम है। इससे देश में अच्छे नागरिक तैयार होंगे। देश ही नहीं दुनिया तक हम इसे लेकर जाएंगे। 21 वीं सदी का कोई बोर्ड होगा तो वह भारतीय शिक्षा बोर्ड ही होगा।

विशिष्ट अतिथि भारतीय शिक्षा बोर्ड के Chairman NP Singh ने भारतीय शिक्षा बोर्ड के उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने शिक्षा बोर्ड के गठन को लेकर भी अहम जानकारी दी। कहा कि भारतीय शिक्षा बोर्ड किसी धर्म, पंत या मजहब का नहीं है। यह सभी 150 करोड़ भारतीयों का बोर्ड है। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा का समन्वय को लेकर भारतीय शिक्षा बोर्ड का गठन किया गया है। इस दौरान Dr Mahendra Singh, Avadh Ojha ने भी अपनी ओजस्वी संदेश और शुभकानाएं दी।

इस दौरान Dr Mahendra Singh, Avadh Ojha, Acharya Swadesh, Sadhvi Devpriya, Pushkar Dwivedi, Rakesh, Sant Alok Das आदि मौजूद रहें।



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