नई दिल्ली,
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गुरुवार को विश्वास व्यक्त किया कि भारत और ऑस्ट्रिया के बीच साझेदारी आने वाले समय में अधिक नवाचार आधारित और भविष्य के लिए तैयार बनने जा रही है। यह बयान उन्होंने ऑस्ट्रिया के चांसलर Christian Stocker के साथ महत्वपूर्ण बैठक के बाद दिया। प्रधानमंत्री ने बताया कि इस बैठक में दोनों देशों के बीच सहयोग को और गहरा करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की गई। इन क्षेत्रों में नवाचार, आधारभूत संरचना और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे। उन्होंने कहा कि दोनों देश व्यापार और निवेश संबंधों में नई ऊर्जा जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि चांसलर स्टॉकर का भारत दौरा विशेष महत्व रखता है, क्योंकि उन्होंने पद संभालने के बाद यूरोप से बाहर अपनी पहली यात्रा के लिए भारत को चुना। यह निर्णय भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और दूरदर्शिता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पिछले चार दशकों में यह पहली बार है जब कोई ऑस्ट्रियाई चांसलर भारत आया है, जिससे इस यात्रा का महत्व और बढ़ जाता है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह यात्रा भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते के बाद हो रही है, जिससे दोनों पक्षों के संबंधों में एक नया अध्याय शुरू हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि रक्षा, अर्धचालक, उन्नत तकनीक और नवप्रवर्तन आधारित उद्यमों जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।
ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर ने भारत आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह यात्रा भारत और ऑस्ट्रिया के बीच मित्रता के नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध पिछले 75 वर्षों में मजबूत हुए हैं और वर्तमान वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में विश्वसनीय साझेदारों का महत्व और अधिक बढ़ गया है। उन्होंने यह भी कहा कि साझा मूल्यों पर आधारित यह साझेदारी आने वाले समय में और मजबूत होगी। अपने दौरे के दौरान चांसलर स्टॉकर ने राष्ट्रपिता Mahatma Gandhi को राजघाट जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके शांति, अहिंसा और वैश्विक सद्भाव के संदेश को याद किया। विदेश मंत्रालय ने भी जानकारी दी कि इस यात्रा का उद्देश्य व्यापार, निवेश और उभरती तकनीकों जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना है। इससे पहले विदेश मंत्री S. Jaishankar ने भी ऑस्ट्रियाई चांसलर से मुलाकात की और विश्वास जताया कि यह दौरा दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खोलेगा।



