बिजऩेस रेमेेडीज/मुंबई Bank of India ने बैंकिंग में सुरक्षा, सुविधा और समावेशिता को बढ़ाने के उद्देश्य से चार महत्वपूर्ण उत्पादों और पहलों को लॉन्च करके डिजिटल नवाचार और ग्राहक-केंद्रित समाधानों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और मज़बूत किया। इन लॉन्च का अनावरण ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) 2025 के दौरान किया गया, जहाँ बैंक ने अपने आकर्षक और इंटरैक्टिव बूथ से अपनी गहरी छाप छोड़ी।
बैंक के बूथ का उद्घाटन डॉ. अर्जुन देवरे, भारतीय विदेश सेवा, क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी एवं विदेश मंत्रालय शाखा, मुंबई के प्रमुख ने रजनीश कर्नाटक, एमडी एवं सीईओ, और बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया। डॉ. देवरे ने डिजिटल नवाचार को बढ़ावा देने और आज के बदलते वित्तीय परिदृश्य के लिए प्रासंगिक अत्याधुनिक समाधान प्रस्तुत करने में बैंक के नेतृत्व की सराहना की। प्रमुख लॉन्चों में एक पू्रफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट (POC) समाधान भी शामिल था, जिसे सोशल इंजीनियरिंग या धोखाधड़ी वाली कॉल के ज़रिए धोखेबाजों को मोबाइल बैंकिंग ऐप्लिकेशन पर रजिस्टर करने से रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है। पीओसी का उद्घाटन आईबीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अतुल कुमार गोयल ने किया, जिन्होंने इस पहल को बैंकिंग क्षेत्र के लिए एक संभावित क्रांतिकारी कदम बताया, जो इसकी सबसे गंभीर साइबर सुरक्षा चुनौतियों में से एक का समाधान करता है।
बैंक ने मोबाइल फोन के ज़रिए कम मूल्य के भुगतानों के लिए NPCI के बायोमेट्रिक-आधारित UPI लेनदेन की भी शुरुआत की। यह समाधान UPI पिन की थकान को कम करके और लेनदेन के समय को 20 प्रतिशत तक कम करके उपयोगकर्ता की यात्रा को सरल बनाता है, जिससे समग्र भुगतान अनुभव में सुधार होता है। इसके अलावा, बैंक ने रूपे के साथ साझेदारी में दो नए प्रीमियम क्रेडिट कार्ड की पेशकश की —
सेलेस्टिया, उच्च-मूल्य वाले ग्राहकों के लिए डिज़ाइन किया गया एक प्रीमियम क्रेडिट कार्ड है, जो 1.5 लाख रुपये तक के लाभ प्रदान करता है।
लक्ष्मी क्रेडिट कार्ड, विशेष रूप से महिला ग्राहकों के लिए तैयार किया गया एक विशेष कार्ड है, जो एक विशिष्ट और सशक्त अनुभव प्रदान करता है।
वित्तीय समावेशन पर अपने फोकस के अनुरूप, बैंक ऑफ इंडिया ने डिजिटल नारी पहल के तहत बिजऩेस कॉरेस्पोंडेंट सेवाओं का लाभ उठाने के लिए पेनियरबाय टेक्नोलॉजीज के साथ एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए। अतुल कुमार गोयल, रजनीश कर्नाटक, सुब्रत कुमार, राजीव मिश्रा, अशोक पाठक और आनंद बजाज की उपस्थिति में इस समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया। इस साझेदारी का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी भारत की मेहनती महिलाओं को सशक्त बनाना है, और भारत सरकार के समावेशी और सुलभ बैंकिंग के दृष्टिकोण का समर्थन करना है।
फिनटेक इकोसिस्टम के साथ अपने जुड़ाव के एक हिस्से के रूप में, बैंक ने फिनशील्ड हैकाथॉन 2025 के विजेताओं द्वारा विकसित प्रोटोटाइप समाधानों का लाइव प्रदर्शन भी किया। आईआईआईटी कोट्टायम और आईआईपीई के छात्रों ने इस मंच पर अपने नवोन्मेषी विचार प्रस्तुत किए, जो वित्तीय प्रौद्योगिकी के भविष्य को आकार देने में जेनरेशन जेड प्रतिभा की क्षमता को दर्शाते हैं। बैंक के लॉन्च और पहलों ने आगंतुकों की महत्वपूर्ण रुचि आकर्षित की, जिनमें Bank of India की पूर्व बोर्ड सदस्य सुश्री वेणी थापर और कई फिनटेक लीडर्स और उद्योग प्रतिभागी शामिल थे।

