बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। गुजरात के मेहसाना आधारित कंपनी Axita Cotton Limited अंतरराष्ट्रीय क्वालिटी की कपास गांठ एवं बीजों के साथ सूती धागे का निर्माण एवं निर्यात करने वाली प्रमुख कंपनी है। कंपनी को नियमित रूप से विदेशों से कॉटन के ऑर्डर मिल रहे हैं। कंपनी ने 30 जून 2024 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही के वित्तीय परिणाम प्रस्तुत किए हैं। इसके साथ ही कंपनी ने 1:3 के अनुपात में बोनस शेयर की भी घोषणा की है। इसके चलते कंपनी का शेयर फोकस में आ गया है। इस लेख में कंपनी की कारोबारी गतिविधियां, वित्तीय प्रदर्शन, ऑर्डर जैसे विषयों पर प्रकाश डाला गया है।
यह करती है कंपनी: 2013 में Axita Cotton Limited का incorporation हुआ था। कंपनी कपास की गांठों और कपास के बीज के निर्माण और निर्यात में लगी हुई है। इसके साथ ही कंपनी जॉब वर्क के आधार पर कपास की गिनिंग और प्रेसिंग भी करती है। यह एक टीयूएफ (तकनीकी उन्नयन कोष) है जिसे भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय द्वारा अनुमोदित किया गया है।

कंपनी की उत्पादन सुविधा गुजरात राज्य के महेसाणा जिले के काडी में स्थित है। कंपनी ने सालाना 87,600 मीट्रिक टन क्षमता के हिसाब से बीज कपास के प्रसंस्करण की क्षमता वाली 48 जिनिंग और प्रेसिंग मशीनें लगाई हैं। 2016-17 से अक्षिता कॉटन ने अपने उत्पादों को सीधे बांग्लादेश, पाकिस्तान और वियतनाम में निर्यात करना शुरू किया था। वर्तमान में कंपनी भारत के घरेलू बाजारों के साथ बांग्लादेश, पाकिस्तान, वियतनाम, चीन, इंडोनेशिया और थाईलैंड में उत्पादों का निर्यात मुख्य रूप से कर रही है।
Axita Cotton Limited की उत्पादन सुविधा रणनीतिक रूप से गुजरात के महेसाणा जिले के कडी में स्थित है। यह आदर्श स्थान कंपनी को सौराष्ट्र और गुजरात के अन्य हिस्सों के संपन्न कपास उत्पादक क्षेत्रों के करीब रखता है, जिससे उसे बेहतरीन कच्चे माल का स्रोत प्राप्त करने और अपने उत्पादों में सर्वोत्तम गुणवत्ता सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
कंपनी को 23 नवंबर 2023 को उद्योग के कई विक्रेताओं से एक नया बिक्री ऑर्डर प्राप्त हुआ है। कंपनी को समझौते की शर्तों के तहत भारतीय कच्चे कपास श्रेणियों में 89.22 करोड़ रुपये (जीएसटी सहित) के कपास गांठों की आपूर्ति के विभिन्न अनुबंध / पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। Axita Cotton Limited समय-समय पर कपास गांठें वितरित करेगा।
Axita Cotton Limited इन विक्रेताओं को विभिन्न गुणवत्ता की कपास की गांठें प्रदान करेगा। ये ऑर्डर उच्च गुणवत्ता वाली कपास की गांठें उपलब्ध कराने के लिए कंपनी की मजबूत प्रतिष्ठा का प्रमाण हैं। कंपनी इन विक्रेताओं को अत्यधिक सहायता प्रदान करने और ग्राहकों की संतुष्टि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
ये ऑर्डर कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हैं और ग्राहकों को सर्वोत्तम गुणवत्ता वाली कपास प्रदान करने की कंपनी की प्रतिबद्धता को प्रमाणित करते हैं।
नए ऑर्डरों से कंपनी के राजस्व वृद्धि में पर्याप्त वृद्धि होने की संभावना है, जिससे कंपनी की वित्तीय स्थिरता और मजबूत होगी। गुणवत्ता, समय पर डिलीवरी और ग्राहक संतुष्टि के प्रति अपने समर्पण के परिणामस्वरूप कंपनी चुने हुए आपूर्तिकर्ताओं में से एक बन गई है। नवाचार और स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के कारण कंपनी कच्चे कपास के शीर्ष निर्माता और निर्यातक के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखने में सक्षम रही है।
कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन : 31 मार्च,2023 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी ने 557.61 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित कर 17.03 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया था। 31 मार्च 2024 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी ने 1104.38 करोड़ रुपए का कुल राजस्व अर्जित कर 20.33 करोड़ रुपए का कर पश्चात शुद्ध लाभ अर्जित किया है। 30 जून 2024 को समाप्त वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में कंपनी ने 154.96 करोड़ रुपए का कुल राजस्व और 3.54 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। इसके साथ ही कंपनी ने 1:3 के अनुपात में बोनस शेयर की भी घोषणा की है। यानी कि रिकॉर्ड तिथि तक प्रत्येक तीन शेयर पर एक बोनस शेयर प्रदान किए जाएंगे। इससे पूर्व भी कंपनी ने निवेशकों को फायदा देते हुए 22 दिसंबर 2023 को प्रत्येक तीन शेयर पर एक शेयर का बोनस शेयर प्रदान किया था।
कंपनी में प्रवर्तकों की हिस्सेदारी करीब 62.77 फीसदी है। इससे प्रतीत होता है कि कंपनी के प्रवर्तकों को कंपनी के भविष्य के प्रति अच्छा खासा विश्वास है।
निचली कीमतों पर मिल रहा है कंपनी का शेयर: कंपनी का 52 सप्ताहों का उच्च स्तर 35.39 रुपए है जबकि 52 सप्ताहों का निम्न स्तर 19.16 रुपए है। वर्तमान में कंपनी का शेयर 24.70 रुपए पर कारोबार कर रहा है।

Nitin bhai Patel
प्रवर्तकों के अनुसार: वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही के दौरान कंपनी के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए, Axita Cotton Limited के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, Nitinbhai Patel ने बताया कि, “चुनौतीपूर्ण उद्योग परिदृश्य और वैश्विक सुस्ती के बावजूद हमें मजबूत तिमाही नतीजों की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। केंद्र सरकार नए बाजारों तक पहुंच बनाने की दिशा में हर संभव प्रयास कर रही है। भारतीय कपड़ा उद्योग देश के प्रमुख उद्योगों में से एक है और सरकार अपनी नीतियों और पहलों के माध्यम से उद्योग को आगे बढ़ा रही है ताकि यह वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सके और अपनी वैश्विक हिस्सेदारी बढ़ा सके।”
इंडस्ट्री डायनॉमिक्स: जैविक कपास (organic cotton) उद्योग तेजी से बढ़ रहा है क्योंकि उपभोक्ता पारंपरिक कपास उत्पादन के पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों के बारे में अधिक जागरूक हो गए हैं। 2020 में, जैविक कपास का वैश्विक बाजार 1.3 बिलियन डॉलर का था, और 2025 तक इसके बढ़कर 2.5 बिलियन डॉलर होने की उम्मीद है।
भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है और अपने मजबूत लोकतंत्र और मजबूत साझेदारी के कारण अगले दशक में इसके शीर्ष आर्थिक शक्तियों में से एक होने का अनुमान है। भारत वैश्विक स्तर पर कपास का सबसे बड़ा उत्पादक है। यह एक ऐसी फसल है जो भारतीय अर्थव्यवस्था और भारतीय कपास किसानों की आजीविका के लिए अधिक महत्व रखती है। उद्योग ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों में लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान करके उनकी आजीविका बनाए रख रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण आबादी भी शामिल है। कपास सबसे महत्वपूर्ण नकदी फसलों में से एक है और कुल वैश्विक फाइबर उत्पादन का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा इससे प्राप्त होता है। कपड़ा उद्योग का कृषि (कपास जैसे कच्चे माल के लिए) और कपड़ा के मामले में देश की प्राचीन संस्कृति और परंपराओं से घनिष्ठ संबंध इसे देश के अन्य उद्योगों की तुलना में अद्वितीय बनाता है।
उक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि देश-विदेश में कॉटन संबंधित उद्योगों का भविष्य उज्जवल है और Axita Cotton Limited को भी लंबे समय तक इस स्थिति का फायदा मिलता रहेगा।
नोट: कंपनी का शेयर खरीदने से पूर्व निवेशकों को पंजीकृत निवेश सलाहकार की सलाह लेनी चाहिए। यह लेख सलाह नहीं है।

