बिजनेस रेमेडीज/New Delhi।भारत के रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वाशिंगटन में अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट द्वारा आयोजित एक उच्चस्तरीय वित्त मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया। बैठक का केंद्र बिंदु वैश्विक महत्वपूर्ण खनिजों—विशेष रूप से उन्नत विनिर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए आवश्यक दुर्लभ-पृथ्वी तत्वों—की आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित और विविध बनाना रहा।
बैठक के बाद अश्विनी वैष्णव ने X पर पोस्ट करते हुए भारत की प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना भारत की विनिर्माण क्षमताओं और तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की लचीलापन (resilience) बढ़ाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
संयुक्त राज्य अमेरिका के ट्रेजरी में आयोजित इस मंत्रिस्तरीय बैठक में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, मैक्सिको, दक्षिण कोरिया, यूनाइटेड किंगडम और यूरोपीय संघ सहित प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं के वित्त मंत्री और वरिष्ठ आर्थिक नेता शामिल हुए। इसके अलावा, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर, यूएस एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक के अध्यक्ष एवं चेयरमैन जॉन जोवानोविक तथा जेपी मॉर्गन के प्रबंध निदेशक जे हॉरिन ने भी प्रमुख फोकस क्षेत्रों पर प्रस्तुतियाँ दीं।
अमेरिकी ट्रेजरी के अनुसार, प्रतिभागियों ने महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं में मौजूद प्रमुख कमजोरियों को तेजी से दूर करने की साझा और मजबूत इच्छा व्यक्त की। इन आपूर्ति श्रृंखलाओं को अत्यधिक केंद्रित होने के कारण व्यवधान और हेरफेर के प्रति संवेदनशील बताया गया। अमेरिका ने अब तक किए गए कार्यों और भविष्य में नियोजित निवेशों पर भी प्रकाश डाला, जिनका उद्देश्य लचीली, सुरक्षित और विविध आपूर्ति श्रृंखलाओं का निर्माण है।
सचिव स्कॉट बेसेंट ने समन्वित अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई के महत्व पर जोर देते हुए देशों से विखंडन (decoupling) से बचने और विवेकपूर्ण जोखिम-न्यूनकरण (risk mitigation) अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने X पर एक अन्य पोस्ट में कहा कि देशों को निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता को समझते हुए मिलकर स्थायी समाधान की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना चाहिए।
अपने आधिकारिक बयान में अमेरिकी ट्रेजरी ने कहा कि वर्तमान भू-राजनीतिक और तकनीकी परिदृश्य में महत्वपूर्ण खनिजों की सीमित स्रोतों पर निर्भरता कम करना और आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन बढ़ाना आर्थिक सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। यह मंत्रिस्तरीय बैठक इसी दिशा में बढ़ते वैश्विक प्रयासों को दर्शाती है।




