दुनियाभर में दिनोंदिन भ्रष्टाचार के केस बढ़ रहे हैं। इन पर अंकुश लगाना महत्तीआवश्यकता है। भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और इसके प्रभावों को कम करने के लिए आज अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस मनाया जाएगा। इस दिवस की शुरुआत वर्ष, 2003 में हुई थी, जब संयुक्त राष्ट्र महासभा ने यह दिन घोषित किया। यह दिन भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है। विश्व कई चुनौतियों, त्रासदियों, असमानताओं और अन्यायों का सामना कर रहा है, जिनमें से अनेक भ्रष्टाचार से जुड़ी हैं। जो दुनिया भर में विकास और शांति के लिए एक बड़ा खतरा है। भ्रष्टाचार एक जटिल सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक घटना है। जो सभी देशों को प्रभावित करती है। भ्रष्टाचार लोकतांत्रिक संस्थाओं व व्यवस्थाओं को कमजोर करता है। आर्थिक विकास को धीमा करता है और सरकारी अस्थिरता में योगदान देता है। भ्रष्टाचार चुनावी प्रक्रियाओं को विकृत, कानून के शासन को विकृत कर और नौकरशाही के दलदल को जन्म देकर लोकतांत्रिक संस्थाओं की नींव पर हमला करता है। इससे रिश्वतखोरी, मुनाफाखोरी का वर्चस्व स्थापित हो जाता है। इस कारण से किसी भी देश का आर्थिक विकास अवरुद्ध हो जाता है, क्योंकि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हतोत्साहित होता है और देश के छोटे व्यवसायों के लिए भ्रष्टाचार के कारण अक्सर आवश्यक शुरुआती लागत को पूरा करना असंभव हो जाता है। इस दिवस को मनाने का प्रमुख कारण है कि यह ईमानदार नेताओं की आवाज को बुलंद करेगा, उन्हें अपनी चिंताओं और आकांक्षाओं को व्यक्त करने का अवसर देगा। इसलिए बढ़ते भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा की गई पहल सार्थक ही कही जा सकती है।

