बिजऩेस रेमेडीज/नई दिल्ली यूगॉव और Amazon Alexa ने भारतीय लोगों के सोने के रूटीन को समझने के लिए लगभग 10 शहरों में एक सर्वे किया। इस सर्वे के अनुसार, 53 प्रतिशत लोग नियमित सोने के रूटीन न अपनाने पर नींद से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करते हैं। ज़्यादातर वयस्क लोग सक्रिय रूप से समय पर सोने के रूटीन का पालन करते हैं। लगभग 54 प्रतिशत लोगों ने नियमित सोने के रूटीन को अपनाने पर नींद में स्पष्ट सुधार देखा है।
52 प्रतिशत सर्वे में शामिल लोग नियमित सोने का समय और सोने से पहले की आदतों का पालन करते हैं। 86 प्रतिशत सर्वे में शामिल लोग रोज़ाना रात 8 बजे के बाद अपने सोने का रूटीन शुरू करते हैं, जिसमें से 53 प्रतिशत लोग रात 10:30 बजे के बाद इसे शुरू करना पसंद करते हैं। सोने से पहले की सबसे आम गतिविधियों में वीडियो कंटेंट देखना (63 प्रतिशत), परिवार और दोस्तों से जुडऩा (59 प्रतिशत), पॉडकास्ट, संगीत या ऑडियोबुक सुनना (58 प्रतिशत) और सोशल मीडिया ऐप्स स्क्रॉल करना (57 प्रतिशत) शामिल हैं। इन गतिविधियों का पालन करने में ज़्यादातर वे घर हैं जहां केवल पति- पत्नी रहते हैं।
Alexa India की कंट्री मैनेजर, टीना सिडाना ने बताया कि, ‘लगभग सभी लोग आजकल सोने के सही रूटीन को अपना रहें हैं। जिसमें स्मार्ट टेक्नोलॉजी, खासकर वॉयस असिस्टेंट जैसे एलेक्सा, लोगों को उनके सोने के रूटीन को सेट करने के लिए काफी मशहूर हो रही है। पर्सनलाइज्ड वॉयस एआई अनुभव, सोने से पहले हाथ में पकडऩे वाले स्क्रीन डिवाइसेस का एक बेहतर विकल्प बनकर उभर रहे हैं। चाहे ध्यान सत्र या सुकून देने वाली आवाज़ें चलाना हो, ऑडियोबुक या संगीत सुनना हो, रिमाइंडर और अलार्म सेट करना हो, या कमरे के सोने के माहौल को एडजस्ट करने के लिए स्मार्ट डिवाइसेस को कंट्रोल करना हो, लोग अपने सोने के रूटीन में एलेक्सा का इस्तेमाल कर रहे हैं। एलेक्सा उपयोगकर्ता एलेक्सा ऐप के जरिए आसानी से अपने सोने का रूटीन सेट कर सकते हैं और इसे अपनी जरूरतों और पसंद के अनुसार कस्टमाइज़ भी कर सकते हैं।’
दंपति और बच्चों वाले घर वॉयस असिस्टेंट की मदद से सोने का रूटीन अपनाने में सबसे आगे हैं, इसके बाद अन्य प्रकार के घर आते हैं। सर्वे में शामिल लोगों में से 45 प्रतिशत लोग वॉयस असिस्टेंट का इस्तेमाल स्मार्ट डिवाइसेस में संगीत, पॉडकास्ट, ध्यान प्लेलिस्ट, शांतिपूर्ण ध्वनियां, फिल्में और ऑडियोबुक सुनने के लिए करते हैं। लगभग 23 प्रतिशत लोग इसे रिमाइंडर और अलार्म सेट करने के लिए इस्तेमाल करते हैं, जबकि 22 प्रतिशत लोग इसे स्मार्ट होम उपकरणों, जैसे बेडरूम या बेबी रूम की स्मार्ट लाइट्स, ऑटोमैटिक पर्दे, स्मार्ट एसी आदि को नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल करते हैं।
सोने से पहले गाइडेड मेडिटेशन और जर्नलिंग करने वालों की संख्या 27 प्रतिशत है, जो हालाकि अभी कम है, लेकिन सर्वे में पाया गया कि 50 प्रतिशत से ज़्यादा लोगों ने भविष्य में अपने सोने के रूटीन में वेलनेस गतिविधियाँ शामिल करने की इच्छा जताई है। इनमें ध्यान, जर्नलिंग, हल्की कसरत जैसे टहलना और स्किन केयर रूटीन अपनाना शामिल हैं। साथ ही 32 प्रतिशत दंपतियों ने चाहे उनके बच्चे हों या न हों, ध्यान और जर्नलिंग को अपने रूटीन में जोडऩे में रुचि दिखाई हैं।
थोड़ी अजीब बात यह है कि लगभग 21 प्रतिशत लोग फिलहाल सोने से पहले कुछ खाने या स्नैक लेने को पसंद करते हैं। सर्वे में शामिल लोगों में यह आदत लगातार बढ़ रही है, जिनमें से 34 प्रतिशत लोग सोने से पहले कोई आरामदायक पेय या स्नैक लेना चाहते हैं। अन्य गतिविधियाँ, जिन्हें लोग अपनी सोने के रूटीन में शामिल करना चाहते हैं, उनमें फोन से दूरी बनाकर ब्रेन गेम्स खेलना, पहेलियाँ हल करना, पढ़ाई करना, और संगीत, पॉडकास्ट व दैनिक समाचार सुनकर खुद को रिलैक्स करना आदि शामिल हैं। वहीं, 11 प्रतिशत लोगों ने बताया कि वे सोने से पहले ‘कुछ न करना’ पसंद करेंगे।

