आजकल की भाग-दौड़ वाली जिंदगी में खुश रहना बहुत मुश्किल भरा हो गया है। पर कुछ पल या एक दिन तो खुश रहने के लिए निकालना ही चाहिए। खुश रहना एक मानवीय अधिकार है और जश्न मनाने योग्य है। खुश रहना दुनिया भर में सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यदि हम खुश नहीं हैं, तो उत्सवों से भाव बदल सकता है। क्रोध और उदासी जैसी भावनाएं आजकल बहुत से लोगों के लिए आम होती जा रही हैं। इसलिए आज का दिन खुश रहने, जीवन की अच्छी चीजों और सकारात्मक पहलुओं की सराहना करने का दिन है। हर वर्ष की भांति आज अंतरराष्ट्रीय खुशी दिवस मनाया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र और उसके सहयोगी गैर-लाभकारी संगठन एक्शन फॉर हैप्पीनेस के प्रयासों से अंतरराष्ट्रीय खुशी दिवस मनाते आ रहे हैं। वर्ष, 2011 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक प्रस्ताव पारित किया था। इसमेंं आर्थिक अवसरों के समान ही सुख को प्राथमिकता देना एक मौलिक मानवीय लक्ष्य घोषित किया गया। दो साल बाद वर्ष, 2013 में संयुक्त राष्ट्र के सभी 193 सदस्य देशों ने विश्व का पहला अंतरराष्ट्रीय खुशी दिवस मनाया और तब से यह निरंतर बढ़ता ही जा रहा है। यह दिन लोगों को दयालुता, सकारात्मकता और खुशी फैलाने के लिए प्रोत्साहित करता है। खुशी का मतलब सिर्फ पैसा कमाना या जीवन में सफलता पाना ही नहीं है, बल्कि एक शांतिपूर्ण जीवन जीना, प्यार फैलाना और अच्छे संबंध बनाए रखना भी है। हम उन चीजों के बारे में सोच सकते हैं जिनसे हाल ही में खुशी या प्रेरणा मिली हो। खुशी किसी भी चीज से मिल सकती है, जैसे किताब पढऩा, कोई गाना या पॉडकास्ट सुनना या दयालुता का कोई छोटा-सा काम करना। इस खुशी को किसी ऐसे व्यक्ति के साथ साझा कर सकते हैं, जिसे थोड़ी सकारात्मकता या प्रोत्साहन की आवश्यकता हो सकती है।

