Wednesday, July 15, 2026 |
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शेयर बाजार में हाहाकार

सेंसेक्स 2500 अंक फिसला, निवेशकों के 11.5 लाख करोड़ रुपए स्वाहा

by Business Remedies
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बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में लगातार तीन दिन से चली आ रही तेजी के बाद गुरुवार को 22 महीने की सबसे बड़ी गिरावट रही। कच्चे तेल की कीमत में भारी तेजी के कारण बीएसई सेंसेक्स 2496.89 अंक यानी 3.26 फीसदी की गिरावट के साथ 74,207.24 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स भी 775.65 अंक फिसलकर 23,002.15 अंक पर आ गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 2,700 अंक से अधिक फिसल गया था, जबकि निफ्टी 23,000 से नीचे चला गया था। इस गिरावट से निवेशकों को 11.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है और बीएसई लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप गिरकर 427 लाख करोड़ रुपए रह गया। इससे पहले 4 जून, 2024 को सेंसेक्स 5.74 फीसदी गिरा था। बैंकिंग-ऑटो शेयर्स में सबसे ज्यादा बिकवाली रही। व्यापक बाजारों में भी बेंचमार्क सूचकांकों की तरह बड़ी गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप में जहां 3.19 प्रतिशत की गिरावट आई, तो वहीं निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.94 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान पर
इस दौरान सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। सबसे ज्यादा निफ्टी ऑटो में 4.25 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी रियल्टी में 3.81 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 3.78 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 3.41 प्रतिशत, निफ्टी आईटी में 3.31 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 3.24 प्रतिशत तो निफ्टी एफएमसीजी में 2.53 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को निफ्टी50 में ओएनजीसी को छोडक़र, जिसमें 1.55 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, अन्य सभी शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। श्रीराम फाइनेंस (6.71 प्रतिशत की गिरावट), इटरनल (5.38 प्रतिशत की गिरावट) और एचडीएफसी बैंक (5.11 प्रतिशत की गिरावट) के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, बजाज फाइनेंस, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एलएंडटी, टीएमपीवी, इंडिगो, ग्रासिम, ट्रेंट और बजाज-ऑटो के शेयरों में भी बड़ी गिरावट देखी गई।
शेयर बाजार में गिरावट के कई कारण हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख हैं
विदेशी निवेशकों की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली कर रहे हैं, जिससे बाजार में दबाव बढ़ रहा है।
कमजोर वैश्विक संकेत: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और कमजोर आर्थिक आंकड़ों के कारण शेयर बाजार में गिरावट आ रही है।
रुपये की कमजोरी: भारतीय रुपये की कमजोरी भी शेयर बाजार में गिरावट का एक कारण है।
मुनाफावसूली: निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली करने से भी शेयर बाजार में गिरावट आ रही है।
आईटी शेयरों में कमजोरी: आईटी शेयरों में कमजोरी भी शेयर बाजार में गिरावट का एक कारण है।



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