बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर
मातृत्व की पोषण भावना का सम्मान करने और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने की पहल में, एमिटी यूनिवर्सिटी राजस्थान के एनएसएस सेल ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ नामक एक सार्थक पौधारोपण अभियान का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में छात्रों, स्वयंसेवकों और विश्वविद्यालय के स्टॉफ पेड़ लगाने के लिए एक साथ आए, जो विकास, देखभाल और प्रकृति और मानवता के बीच गहरे बंधन का प्रतीक है।
इस पौधारोपण अभियान में वाइस चांसलर प्रोफेसर (डॉ.) अमित जैन, प्रो वाइस चांसलर प्रोफेसर (डॉ.) जी.के. आसेरी और रजिस्ट्रार डॉ. नितिन भारद्वाज भी मौजूद थे, जिन्होंने पौधे लगाकर इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया। इसके अलावा प्रो. दीपा चक्रवर्ती, प्रो. मणि सचदेव, प्रो. पीवीएस राजू, आर. के. पचौरी, प्रो. पारुल मिश्रा, डॉ. राजीव शर्मा, डॉ. योगेश केसकर, डॉ. मनोज कुमार और डॉ. पल्लवी मिश्रा ने भी अपने नाम से पौधे लगाए और ग्रीन फ्यूचर के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाई।
एमिटी यूनिवर्सिटी राजस्थान के एनएसएस स्वयंसेवकों ने अभियान के दौरान लगाए गए पेड़ों को गोद लिया और उनके बढऩे पर उनकी देखभाल करने का संकल्प लिया।
इसके साथ ही पौधों की वृद्धि के लिए एमिटी इंस्टीटयूट ऑफ माइक्रोबियल टेक्नोलॉजी द्वारा तैयार उर्वरकों का भी उपयोग किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए वाइस चांसलर प्रोफेसर (डॉ.) अमित जैन ने पर्यावरण चेतना और सामुदायिक भावना को बढ़ावा देने में ऐसी पहलों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों और कर्मचारियों को सामाजिक कार्यों में योगदान देना जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जो स्थिरता और सामाजिक जिम्मेदारी के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता के अनुरूप हों। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर देती है बल्कि प्रतिभागियों में प्रकृति के साथ जिम्मेदारी और जुड़ाव की भावना भी पैदा करती है। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ वृक्षारोपण अभियान, पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने और अपने विद्यार्थियों को ऐसी गतिविधियों में शामिल करने के लिए एमिटी यूनिवर्सिटी राजस्थान के चल रहे प्रयासों का हिस्सा है, जिनका समाज और ग्रह पर स्थायी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

