बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। दी एम्पलॉयर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (ईएआर) व नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पर्सनल मेनेजमेंट (एनआईपीएम) द्वारा जयपुर के होटल क्लाक्र्स आमेर में आज वृहद् स्तर पर ‘एचआर कॉनक्लेव-2024’ का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में मानव संसाधन के विभिन्न पहलुओं पर विद्वान वक्ताओं द्वारा प्रकाश डाला जाएगा।
एचआर कॉन्क्लेव क्यों जरूरी: गौरतलब है कि आधुनिक कारोबारों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए मानव संसाधन की सबसे अहम भूमिका होती है। उद्यमियों को मानव संसाधन के विभिन्न पहलुओं से आवश्यक रूप से अवगत होना चाहिए। ईएआर एक प्रमुख कारोबारी संस्था होने के नाते इस आवश्यकता को पूर्ण करने के लिए हर वर्ष हर कॉन्क्लेव का आयोजन करता है।
आयोजन की रूपरेखा: इस आयोजन में लगभग 250 उद्योगों व कॉरपोरेट जगत के प्रतिनिधियों को भाग लेने की सम्भावना है। आयोजन समिति में ईएआर के अध्यक्ष एन. के. जैन, एनआईपीएम के अध्यक्ष गृजेश गौड, सचिव आस्था शर्मा, शीतल कपाडिय़ा, शीशराम शिवरायन, ईएआर जॉब्स पॉईन्ट की पूजा गुप्ता, सोनिया महेश्वरी ने यह जानकारी दी।
ईएआर अध्यक्ष एन. के. जैन ने बताया कि इस कॉनक्लेव में राष्ट्रीय स्तर के स्पीकर नये श्रम कानून (लेबर कोड), गिग इकोनोमी, ईएसजी, नेप्स व नेट्स एप्रेंटिशीप स्कीम और भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का एच आर प्रोफेशनल्स पर होने वाले प्रभाव पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
एनआईपीएम के अध्यक्ष गृजेश गौड़ ने बताया कि मुख्य वक्ताओं में आईआईएम, त्रिचनापल्ली के निदेशक डॉ. पवन कुमार सिंह, श्याम स्टील इंडस्ट्रीज लि. पश्चिम बंगाल के दिनेश भारद्वाज, दक्षता कन्सटेंट्स के फाउन्डर डॉ. निधि वशिष्ठ, एचआर मेगजीन बिजनेस मैनेजर के मुख्य सम्पादक अनिल कौशिक, करनावटी यूनिवर्सिटी अहमदाबाद के डीन एकेडेमिक्स प्रो. धीरज कुमार, नारायणा हॉस्पिटल के डॉ. सुमित गाखर, भारत सरकार के एप्रेंटिशिप असिसटेंट डाईरेक्टर मानस खवास, क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के सी. एस. शर्मा, लेबर लॉ एक्सपर्ट व यूट्यूबर इंफ्ल्यूएंसर रिषभ जैन अपना ज्ञान व अनुभव उपस्थित उद्योग व कॉर्पोरेट जगत के प्रतिनिधियों से साझा करेंगे। आयोजन समिति के कोआर्डिनेटर शीशराम व पूजा गुप्ता ने बताया कि इसके अलावा दो पैनल डिस्क्शन भी रखे गये हैं जिसमें पहला एआई व एमएल इम्पेक्ट ऑन एचआर विषय पर होगा। इसमें अभिनव जैन-फाउंडर एण्ड सीईओ एलमान्ड्स सोनल उपाध्याय – हेड एचआर, प्रथम सॉफ्टवेयर व एचसीएल टेक्नो की एचआर हेड आस्था शर्मा भाग लेंगी।
दूसरा पैनल डिस्कशन फाईनेंशियल इम्पेक्ट ऑफ न्यू लेबर कोड ऑन पीएफ, ईएसआई, ग्रेच्यूटी व बोनस पर निशान्त मंडावरा व विभिन्न विभाग के सरकारी अधिकारी आलोक फतेहपुरिया अधिवक्त, धर्मपाल चौधरी अतिरिक्त श्रम आयुक्त राजस्थान सरकार, राम निवास बैरवा, प्रो. धीरज कुमार, डाइरेक्टर कर्णावटी यूनिवर्सिटी, निधि वशिष्ठ फाउन्डर दक्षता कन्सल्टेन्ट्स, निशांत मंडवारा, लेबर कन्सल्टेन्ट्स, अपना पक्ष रखेंगे। पूरे दिन चलने वाले इस कानक्लेव के मुख्य अतिथि के. के. विश्नोई, राज्य मंत्री उद्योग एवं वाणिज्य विभाग तथा कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग, राजस्थान सरकार व विशिष्ट अतिथि डॉ. समित शर्मा दीप प्रज्जवलन कर कॉनक्लेव का शुभारम्भ करेंगे। दूसरा पैनल डिस्कशन में आलोक फतेहपुरिया अधिवक्ता, धर्मपाल चौधरी अतिरिक्त श्रम आयुक्त राजस्थान सरकार, राम निवास बैरवा, प्रो. धीरज कुमार, डाइरेक्टर कर्णावटी यूनिवर्सिटी, निधि वशिष्ठ फाउन्डर दक्षता कन्सल्टेन्ट्स होंगे। इस समारोह को लेकर उद्यमियों में भारी उत्साह नजर आ रहा है।
विशेषज्ञों द्वारा डाला जाएगा प्रकाश: आईआईएम, त्रिचनापल्ली के निदेशक डॉ. पवन कुमार सिंह द्वारा आधुनिक कारोबार में ‘एचआर लीडरशिप का महत्व’ जैसे महत्वपूर्ण विषय पर प्रकाश डाला जाएगा। श्याम स्टील इंडस्ट्रीज लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट एचआरआईआर दिनेश भारद्वाज एचआर फ्यूचर पू्रफिंग के महत्व को बताएंगे। एचआर मेगजीन बिजनेस मैनेजर के मुख्य सम्पादक अनिल कौशिक गिग इकोनोमी में लागू होने वाले लैबर कानून, कहीं से भी काम और फ्लेक्सी वर्किंग जैसे विषयों पर अपना अनुभवी मत कॉन्क्लेव में रखेंगे। करनावटी यूनिवर्सिटी अहमदाबाद के डीन एकेडेमिक्स प्रो. धीरज कुमार द्वारा ‘मानवीय आवश्यकताओं के लिए किए जाने वाले इनोवेशन में समस्या-समाधान तकनीकों पर फोकस’ जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सारगर्भित रूप से प्रकाश डाला जाएगा। नारायणा हॉस्पिटल के डॉ. सुमित गाखर कामगारों के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को
बरकरार रखने जैसे महत्वपूर्ण विषय पर प्रकाश डालेंगे।
भारत सरकार के एप्रेंटिशिप असिसटेंट डाईरेक्टर मानस खवास स्किल डेवलपमेंट के विविध पहलुओं पर अपना अनुभवी मत प्रस्तुत करेंगे। क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के सी. एस. शर्मा कॉर्पोरेट जीवन में ईएसजी के महत्व को बताएंगे। 4.9 मिलियन सब्सक्राइबर वाले लेबर लॉ एक्सपर्ट व यूट्यूबर इंफ्ल्यूएंसर रिषभ जैन लेबर कानून के प्रमुख प्रभावों से कॉन्क्लेव में आए आगंतुकों अवगत कराएंगे।
एम्प्लॉयर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान
डॉ. कमल नयन बजाज द्वारा 1964 में स्थापित एम्प्लॉयर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (ईएआर) 60 वर्षों में लगातार विकसित हुआ है। ईएआर पूरे राजस्थान के नियोक्ताओं को एकजुट करता है, जिसमें बड़े उद्योग, एमएसएमई और बैंकिंग, आतिथ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। फिक्की और एआईओई से संबद्ध, ईएआर औद्योगिक नीतियों, कराधान और युवा रोजगार क्षमता पर सरकार के साथ सदस्यों की चिंताओं को साझा करता है।ईएआर ने अपनी “जॉब्स प्वाइंट” पहल के माध्यम से 10,000 से अधिक युवाओं को रोजगार कौशल में सुधार करने के लिए विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी की है। ईएआर वेलफेयर फाउंडेशन सामाजिक उत्थान और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित सीएसआर गतिविधियों में संलग्न है।
18 वर्षों से, ईएआर ने उद्योग और शिक्षा में उत्कृष्टता को मान्यता देते हुए सर्वश्रेष्ठ नियोक्ता पुरस्कार समारोह का आयोजन किया है। संस्था सदस्यों के पेशेवर विकास का समर्थन करने के लिए कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित करती है और राजस्थान के नियोक्ताओं और उद्योगों को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर अधिकारियों के साथ संवाद करती है।
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ पर्सनल मैनेजमेंट
15 मार्च 1980 को स्थापित नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ पर्सनल मैनेजमेंट (एनआईपीएम), मानव संसाधन पेशेवरों के लिए भारत का अग्रणी निकाय है, जिसका गठन भारतीय कार्मिक प्रबंधन संस्थान (1948) और राष्ट्रीय श्रम प्रबंधन संस्थान (1950) को मिलाकर किया गया था। कोलकाता में मुख्यालय वाले एनआईपीएम के 53 चैप्टरों में 10,000 सदस्य हैं। एक गैर-लाभकारी संस्था के रूप में, यह कार्मिक प्रबंधन में अपने प्रमुख पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा (पीजीडीपीएम), कॉर्पोरेट प्रशिक्षण और वैश्विक मानव संसाधन मानकों के लिए एनआईपीएम 4000-2016 प्रमाणन जैसी गतिविधियों के माध्यम से मानव संसाधन उत्कृष्टता को बढ़ावा देता है। एनआईपीएम के वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन (एनएटीसीओएन) में शीर्ष एचआर विशेषज्ञ शामिल होते हैं और संस्था नियमित रूप से सेमिनार, कार्यशालाएँ और प्रशिक्षण आयोजित करती है। संस्था छात्र अध्यायों के माध्यम से प्रबंधन छात्रों के साथ भी जुड़ती है और प्रतिष्ठित जर्नल पर्सनेल टुडे प्रकाशित करती है। एनआईपीएम मानव संसाधन उत्कृष्टता के लिए मानक स्थापित करने और उन्हें फिर से परिभाषित करने और उन तक पहुंचने में पेशेवरों और संगठनों का समर्थन करने के लिए समर्पित है।

