Friday, July 10, 2026 |
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उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन 9 जुलाई को करेंगे LoA का राष्ट्रीय शुभा

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VP Radhakrishnan Launching Letter Of Authorisation For Sustainable High Seas Fisheries In Bhubaneswar

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन 9 जुलाई को ओडिशा के भुवनेश्वर में गहरे समुद्री क्षेत्रों में टिकाऊ मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से Letter Of Authorisation ( LoA ) का राष्ट्रीय शुभारंभ करेंगे। यह पहल समुद्री मत्स्य संसाधनों के वैज्ञानिक, पारदर्शी और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

मत्स्य पालन विभाग द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान Odisha Deep Sea Mission Document का भी शुभारंभ किया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, मत्स्य क्षेत्र के विशेषज्ञ तथा अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में लगभग 1,000 मत्स्य पालकों और मछुआरों की भागीदारी होगी, जिनमें बड़ी संख्या में महिला मत्स्य पालक और महिला मछुआरे भी शामिल रहेंगी। इसके अलावा विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।

उपराष्ट्रपति पात्र भारतीय ध्वज वाले मत्स्य पोतों के संचालन के लिए विभिन्न मत्स्य सहकारी समितियों तथा पोत मालिकों को Letter Of Authorisation ( LoA ) प्रदान करेंगे। इससे उन्हें गहरे समुद्री क्षेत्रों में निर्धारित नियमों के अनुसार मत्स्य पालन करने की अनुमति मिलेगी। यह LoA भारतीय ध्वज वाले मत्स्य पोतों द्वारा गहरे समुद्री क्षेत्रों में टिकाऊ मत्स्य पालन संबंधी 2025 के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत अनिवार्य प्रावधान है। इसका उद्देश्य समुद्री मत्स्य संसाधनों का संरक्षण करते हुए व्यवस्थित और नियंत्रित मत्स्य गतिविधियों को सुनिश्चित करना है।

जिन सहकारी समितियों को LoA प्रदान किया जाएगा, उनमें श्री महावीर मच्छीमार सहकारी मंडली लिमिटेड, श्री मार्तंड प्रसन्न कोलाबा मत्स्योद्योग विविध कार्यकारी सहकारी संस्था मर्यादित, साउथ गोवा मैकेनाइज्ड बोट ओनर्स कोऑपरेटिव एंड मार्केटिंग सोसाइटी लिमिटेड, पारादीप मरीन प्राइमरी फिश प्रोडक्शन एंड मार्केटिंग कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, थेंगापट्टनम डीप सी फिश प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी तथा मालपे फिशरमेन प्राइमरी कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड शामिल हैं।

यह व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और पोत-विशिष्ट होगी। LoA का हस्तांतरण नहीं किया जा सकेगा तथा इसे ReALCraft Fishing Vessel Registration Portal से जोड़ा गया है, जिससे प्रत्येक पोत की गतिविधियों की निगरानी, पहचान और रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सकेगा। इस पहल से Fish Farmer Producer Organisations ( FFPOs ) और मत्स्य सहकारी समितियों को गहरे समुद्री मत्स्य पालन में अधिक भागीदारी का अवसर मिलेगा। इससे उच्च मूल्य वाले समुद्री संसाधनों तक पहुंच बढ़ेगी और मछुआरों की आय में वृद्धि के नए अवसर विकसित होंगे।

पूरी LoA प्रक्रिया को ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है। इससे सेवा वितरण में सुधार, प्रशासनिक पारदर्शिता, गतिविधियों की निगरानी और मत्स्य क्षेत्र में बेहतर सुशासन सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी Odisha Deep Sea Fishing Mission ( 2026–2036 ) का उद्देश्य गहरे समुद्री मत्स्य संसाधनों का प्रभावी उपयोग करना, समुद्री अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना तथा ओडिशा को गहरे समुद्री मत्स्य पालन और समुद्री निर्यात के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है।



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