Saturday, July 4, 2026 |
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GST अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील दाखिल करने की अंतिम Date अब 31 जुलाई तक बढ़ी

by Business Remedies
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GSTAT Appeal Filing Last Date Extended To July 31 By Finance Ministry

जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण ( जीएसटीएटी ) में अपील दाखिल करने की अंतिम Date को केंद्र सरकार ने बढ़ाकर 31 जुलाई कर दिया है। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि हाल के दिनों में पोर्टल पर अपीलों की संख्या अचानक बढ़ने के कारण तकनीकी दिक्कतें सामने आई थीं। विभिन्न पक्षों की ओर से मिली शिकायतों और अनुरोधों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि करदाताओं को पर्याप्त समय मिल सके और किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

यह समय-सीमा विस्तार केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर ( सीजीएसटी ) अधिनियम की धारा 112(1) तथा धारा 112(3) के तहत दाखिल की जाने वाली अपीलों पर लागू होगा। इससे पहले सरकार ने 17 सितंबर 2025 को जारी अधिसूचना के माध्यम से 30 जून को अपील दाखिल करने की अंतिम Date निर्धारित की थी।

वित्त मंत्रालय के अनुसार, पिछले 15 दिनों के दौरान ही लगभग 30,000 अपीलें पोर्टल पर दर्ज की गईं। वहीं, कुछ दिनों में प्रतिदिन लगभग 5,500 अपीलें दाखिल होने से पोर्टल पर अत्यधिक दबाव बन गया, जिसके कारण कई उपयोगकर्ताओं को तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा। इसी स्थिति को देखते हुए सरकार ने अंतिम Date बढ़ाने का निर्णय लिया। मंत्रालय ने करदाताओं को सलाह दी है कि वे अपनी अपील अंतिम Date का इंतजार किए बिना समय रहते दाखिल करें। इससे पोर्टल पर अंतिम समय में अत्यधिक भीड़ से बचा जा सकेगा और तकनीकी बाधाओं की संभावना भी कम होगी।

सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब चालू वित्त वर्ष में कर संग्रह लगातार मजबूत बना हुआ है। मई महीने में सकल वस्तु एवं सेवा कर ( जीएसटी ) संग्रह 3.2प्रतिशत बढ़कर ₹.1.94 लाख करोड़ रहा। वहीं, शुद्ध जीएसटी संग्रह 3.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹.1.67 लाख करोड़ तक पहुंच गया। इसी अवधि में जीएसटी रिफंड 2.6 प्रतिशत बढ़कर ₹.27,281 करोड़ दर्ज किया गया। आयकर विभाग के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में 1 अप्रैल से 17 जून की अवधि के दौरान शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 14.64 प्रतिशत बढ़कर ₹.5.21 लाख करोड़ हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा ₹.4.55 लाख करोड़ था। वहीं, सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह में भी 12.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह ₹.6.10 लाख करोड़ तक पहुंच गया। इससे संकेत मिलता है कि देश में कर संग्रह की रफ्तार मजबूत बनी हुई है और सरकारी राजस्व में निरंतर सुधार देखने को मिल रहा है।



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