भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण बैठकों का दौर सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि राजदूत जैमिसन ग्रीयर और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ विस्तृत चर्चा की। इन बैठकों का उद्देश्य दोनों देशों के लिए लाभकारी व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रगति करना था। पीयूष गोयल ने कहा कि भारत अमेरिका के साथ अपने आर्थिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने तथा विकास और नवाचार के नए अवसर पैदा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान भारत-अमेरिका व्यापार वार्ताओं की वर्तमान प्रगति की समीक्षा की गई और आर्थिक साझेदारी को और गहरा करने के विभिन्न उपायों पर विचार-विमर्श हुआ।
मंत्री ने अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीयर के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देशों की वार्ता टीमें रचनात्मक और दूरदर्शी तरीके से बातचीत को आगे बढ़ा रही हैं। इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है। इससे पहले मंगलवार को भी पीयूष गोयल ने जैमिसन ग्रीयर और भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर के साथ बैठक की थी। इस दौरान संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है और दोनों देश एक ऐसे समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं जिससे व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक रुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दोनों देश एक मजबूत द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। यह समझौता न केवल नए आर्थिक अवसरों का मार्ग खोलेगा बल्कि दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा। इस सप्ताह जैमिसन ग्रीयर और पीयूष गोयल के बीच कई दौर की बैठकों का आयोजन किया गया। इससे पहले इसी महीने दोनों देशों के मुख्य वार्ताकारों के स्तर पर भी बातचीत हुई थी। दोनों पक्ष एक अंतरिम व्यापार व्यवस्था पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो आगे चलकर व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते का आधार बनेगी।
इन वार्ताओं का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि अमेरिका द्वारा अपने व्यापारिक साझेदार देशों पर लगाया गया अस्थायी 10 प्रतिशत शुल्क 24 July को समाप्त होने वाला है। ऐसे में दोनों देश समय रहते व्यापारिक मुद्दों पर सहमति बनाकर आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता सफलतापूर्वक संपन्न होता है तो इससे भारत और अमेरिका दोनों की अर्थव्यवस्थाओं को लाभ मिलेगा तथा व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

