भारत में रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट (आरईआईटी) और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश ट्रस्ट (इनविट) क्षेत्र ने पिछले लगभग छह वर्षों में तेज़ विस्तार दर्ज किया है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2030 तक देश में कार्यालय आरईआईटी की पैठ बढ़कर 30 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जबकि औद्योगिक एवं भंडारण इनविट की पैठ 10 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। संपत्ति परामर्श कंपनी कोलियर्स इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यालय क्षेत्र में आरईआईटी की बढ़ती पैठ के पीछे उच्च गुणवत्ता वाली हरित-प्रमाणित परिसंपत्तियों की बढ़ती उपलब्धता, कार्यालय स्थानों की मजबूत मांग और निवेशकों की लगातार बनी हुई रुचि प्रमुख कारण हैं।
मार्च 2026 तक सूचीबद्ध आरईआईटी और इनविट के मौजूदा पोर्टफोलियो का आकार 195 मिलियन वर्गफुट से अधिक हो चुका है। इसके अलावा लगभग 37 मिलियन वर्गफुट की अतिरिक्त परियोजनाएं भी पाइपलाइन में मौजूद हैं, जो आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र की वृद्धि को और गति दे सकती हैं। वर्तमान परिचालन पोर्टफोलियो में कार्यालय क्षेत्र का दबदबा बना हुआ है और इसकी हिस्सेदारी लगभग 84प्रतिशत है। हालांकि, खुदरा तथा औद्योगिक एवं भंडारण क्षेत्र भी तेजी से अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहे हैं और निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आरईआईटी और इनविट भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र को अधिक संस्थागत और आम निवेशकों के लिए सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। बढ़ती निवेशक भागीदारी, परिसंपत्तियों का मजबूत परिचालन प्रदर्शन, नए अधिग्रहण और नीतिगत समर्थन इस वृद्धि को मजबूती प्रदान कर रहे हैं। देश में वर्तमान समय में पांच कार्यालय-केंद्रित आरईआईटी संचालित हैं। इसके अलावा एक खुदरा आरईआईटी और एक औद्योगिक एवं भंडारण-केंद्रित इनविट भी मौजूद है। यह भारत में आरईआईटी और इनविट संरचनाओं की बढ़ती स्वीकार्यता और विस्तार क्षमता को दर्शाता है।
कोलियर्स इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक बादल याज्ञिक के अनुसार, देश के सात प्रमुख कार्यालय बाजारों में उपलब्ध ग्रेड-ए कार्यालय परिसंपत्तियों का लगभग पांचवां हिस्सा वर्तमान में आरईआईटी के अंतर्गत है। यह संस्थागत निवेश की ओर बढ़ते रुझान और नियमित आय देने वाली परिसंपत्तियों में निवेशकों के बढ़ते विश्वास का संकेत है। उन्होंने बताया कि लगभग 370मिलियन वर्गफुट अतिरिक्त ग्रेड-ए कार्यालय परिसंपत्तियां भविष्य में आरईआईटी के रूप में सूचीबद्ध होने की क्षमता रखती हैं। इससे आने वाले वर्षों में कार्यालय आरईआईटी क्षेत्र की वृद्धि की संभावनाएं और अधिक मजबूत दिखाई देती हैं।
भारत में कार्यालय आरईआईटी के अंतर्गत आने वाली परिचालन परिसंपत्तियों का आकार पिछले पांच वर्षों में दोगुने से अधिक बढ़ा है। वर्ष 2021 में यह लगभग 72 मिलियन वर्गफुट था, जो मार्च 2026 के अंत तक बढ़कर लगभग 164 मिलियन वर्गफुट पहुंच गया। इसी अवधि में कुल कार्यालय परिसंपत्तियों की तुलना में आरईआईटी के अंतर्गत आने वाले कार्यालय क्षेत्र का अनुपात 11 प्रतिशत से बढ़कर 19 प्रतिशत हो गया है। यह दर्शाता है कि संगठित और पारदर्शी निवेश ढांचे की ओर बाजार का झुकाव लगातार बढ़ रहा है।
देश के प्रमुख प्रथम श्रेणी कार्यालय बाजारों में बेंगलुरु आरईआईटी पैठ के मामले में सबसे आगे है। शहर की लगभग 30 प्रतिशत ग्रेड-ए कार्यालय परिसंपत्तियां पहले ही आरईआईटी के अंतर्गत सूचीबद्ध हो चुकी हैं। इसके बाद हैदराबाद, मुंबई और पुणे का स्थान है, जहां आरईआईटी पैठ लगभग 15प्रतिशत से 20प्रतिशत के बीच है। मौजूदा आरईआईटी के अंतर्गत आने वाले कुल कार्यालय क्षेत्र का दो-तिहाई से अधिक हिस्सा प्रमुख शहरों के द्वितीयक व्यावसायिक क्षेत्रों में स्थित है, जो इन क्षेत्रों की बढ़ती कारोबारी महत्ता को दर्शाता है।

