नई दिल्ली,
झारखंड से कृषि उत्पादों के निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिला है। राज्य से ताजे आमों की पहली व्यावसायिक खेप यूनाइटेड किंगडम के लिए रवाना की गई है। यह पहल कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से पूरी की गई है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी। इस निर्यात खेप के रवाना होने का कार्यक्रम 4 जून 2026 को कोलकाता में आयोजित किया गया। इसे झारखंड के किसान उत्पादक समूहों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। भेजी गई खेप में 1.5 मीट्रिक टन ताजे अम्रपाली आम शामिल हैं। इन आमों की आपूर्ति सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड में स्थित बेउरा किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड द्वारा की गई है। यह पूरी तरह महिला किसानों द्वारा संचालित किसान उत्पादक कंपनी है।
इस खेप का निर्यात लंदन के लिए जेजीबी एग्रोफ्रेश प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से किया जा रहा है। एपीडा की सहायता से कंपनी ने किसान समूह के साथ साझेदारी स्थापित की है, जिससे स्थानीय किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच मिल सकी है। यह उपलब्धि एपीडा द्वारा 5 मई 2026 को सिमडेगा जिले में आयोजित निर्यात उन्मुख क्षमता निर्माण कार्यक्रम के बाद संभव हो सकी। इस कार्यक्रम में किसान उत्पादक कंपनियों, किसान उत्पादक संगठनों और प्रगतिशील किसानों को निर्यात संबंधी आवश्यकताओं, गुणवत्ता मानकों तथा वैश्विक बाजार में उपलब्ध अवसरों के बारे में प्रशिक्षण दिया गया था।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद एपीडा ने बेउरा किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड और जेजीबी एग्रोफ्रेश प्राइवेट लिमिटेड के बीच सीधे संपर्क की व्यवस्था कराई। इसके माध्यम से निर्यात गुणवत्ता वाले आमों की खरीद सुनिश्चित की गई। इस सहयोग के परिणामस्वरूप स्थानीय किसान पहली बार कृषि निर्यात मूल्य श्रृंखला का हिस्सा बने हैं। अधिकारियों के अनुसार, किसान उत्पादक कंपनी से जुड़े किसानों को घरेलू बाजार की मौजूदा कीमतों की तुलना में बेहतर आय प्राप्त होने लगी है। इस पहल से क्षेत्र में आधुनिक और बेहतर कृषि पद्धतियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसमें फसल कटाई के बाद बेहतर प्रबंधन, गुणवत्ता सुनिश्चित करना तथा अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करना शामिल है।
अनुकूल कृषि-जलवायु परिस्थितियों के कारण झारखंड को बागवानी फसलों की खेती के लिए एक संभावनाशील क्षेत्र माना जाता है। राज्य में उगाई जाने वाली अम्रपाली आम की किस्म अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता के लिए जानी जाती है और इसकी मांग घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहली निर्यात खेप की सफलता भविष्य में झारखंड के अन्य कृषि और बागवानी उत्पादों के लिए भी वैश्विक बाजारों के द्वार खोल सकती है। इससे किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और राज्य के कृषि क्षेत्र को नई पहचान दिलाने में मदद मिलेगी।

