Wednesday, August 12, 2026 |
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संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट: भारत की अर्थव्यवस्था 2026 में 6.4 प्रतिशत और 2027 में 6.6 प्रतिशत की दर से बढ़ने की संभावना

by Business Remedies
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India's economy growth graph and United Nations report

New Delhi,

संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था आने वाले वर्षों में मजबूत गति से बढ़ती रहेगी। रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि वर्ष 2026 में आर्थिक वृद्धि दर 6.4 प्रतिशत और वर्ष 2027 में 6.6 प्रतिशत रह सकती है। यह रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र की एशिया-प्रशांत आर्थिक एवं सामाजिक आयोग द्वारा जारी की गई है, जिसमें बताया गया कि दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम एशिया की अर्थव्यवस्थाओं ने वर्ष 2025 में 5.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो वर्ष 2024 के 5.2 प्रतिशत से अधिक है। इसमें भारत की प्रमुख भूमिका रही, जहां वर्ष 2025 में 7.4 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।

ग्रामीण मांग और कर राहत से मिली मजबूती

रिपोर्ट के अनुसार भारत की आर्थिक वृद्धि को ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती खपत, वस्तु एवं सेवा कर में कमी तथा निर्यात में तेजी ने समर्थन दिया। विशेष रूप से अमेरिका द्वारा शुल्क लगाए जाने से पहले निर्यात में तेजी देखी गई, जिससे अर्थव्यवस्था को बल मिला। हालांकि वर्ष 2025 के दूसरे भाग में आर्थिक गतिविधियों में कुछ धीमापन देखने को मिला। इसका मुख्य कारण अमेरिका को होने वाले निर्यात में 25 प्रतिशत की गिरावट रही, जो अगस्त 2025 में 50 प्रतिशत शुल्क लगाए जाने के बाद सामने आई। इसके बावजूद सेवा क्षेत्र ने आर्थिक वृद्धि को सहारा देना जारी रखा। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में महंगाई दर वर्ष 2026 में 4.4 प्रतिशत और वर्ष 2027 में 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो संतुलित आर्थिक स्थिति को दर्शाता है।

विदेशी निवेश में गिरावट, वैश्विक स्तर पर बढ़ोतरी

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि व्यापारिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण एशिया-प्रशांत क्षेत्र में विदेशी निवेश प्रवाह में गिरावट आई है। वर्ष 2024 में 0.6 प्रतिशत की बढ़त के बाद वर्ष 2025 में इसमें 2 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जबकि वैश्विक स्तर पर निवेश में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई। रिपोर्ट के अनुसार, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में नई परियोजनाओं में निवेश आकर्षित करने वाले प्रमुख देशों में भारत, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और कजाकिस्तान शामिल रहे। इन देशों में क्रमशः लगभग 50 अरब डॉलर, 30 अरब डॉलर, 25 अरब डॉलर और 21 अरब डॉलर के निवेश की घोषणाएं की गईं।

प्रवासी आय से घरेलू खपत को सहारा

विदेशों में कार्यरत एशियाई और प्रशांत क्षेत्र के श्रमिकों द्वारा भेजी गई धनराशि ने घरेलू अर्थव्यवस्थाओं को सहारा दिया है। भारत और फिलीपींस में लगभग 40 प्रतिशत धनराशि आवश्यक खर्चों जैसे चिकित्सा पर खर्च की जाती है। हालांकि रिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई कि वर्ष 2024 में 137 अरब डॉलर की प्रवासी आय प्राप्त करने वाले भारत को भविष्य में नुकसान हो सकता है, क्योंकि जनवरी 2026 से अमेरिका ने इन धनराशियों पर 1 प्रतिशत कर लागू कर दिया है।

उत्पादन प्रोत्साहन योजना की सराहना

संयुक्त राष्ट्र ने भारत की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह हरित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस योजना के तहत सौर ऊर्जा उपकरण, बैटरी और हरित हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहन मिला है। रिपोर्ट में कहा गया कि इस योजना से आयात पर निर्भरता कम हुई है और नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित हुए हैं, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक परिवर्तन को मजबूती मिली है।



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