Mumbai,
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में मंगलवार को गिरावट दर्ज की गई, जिससे पिछले कारोबारी सत्र की तेजी पलट गई। यह गिरावट मुख्य रूप से अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली संभावित वार्ता को लेकर बढ़ती उम्मीदों के कारण आई है, जिससे क्षेत्रीय तनाव कम होने की संभावना जताई जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट कच्चा तेल वायदा की कीमतों में करीब 1.31 प्रतिशत की गिरावट देखी गई और यह 94.22 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जो दिन का निचला स्तर रहा। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) कच्चा तेल 2.19 प्रतिशत गिरकर 85.5 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। हालांकि, इससे पहले सोमवार को दोनों प्रमुख कच्चे तेल मानकों में जोरदार तेजी देखी गई थी। ब्रेंट में 5.6 प्रतिशत और डब्ल्यूटीआई में 6.9 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई थी, जब ईरान ने एक बार फिर होरमुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था।
घरेलू स्तर पर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर कच्चा तेल 1.75 प्रतिशत गिरकर 8,040 रुपये प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा, जो दिन का निचला स्तर रहा। इसी बीच, अमेरिका ने ईरान के एक मालवाहक जहाज को अपने नियंत्रण में ले लिया है, जो ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए प्रतिबंधों का हिस्सा माना जा रहा है। दूसरी ओर, ईरान के प्रमुख वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कालीबाफ ने दोहराया कि तेहरान किसी भी दबाव में वार्ता नहीं करेगा। सोमवार को होरमुज जलडमरूमध्य के माध्यम से जहाजों की आवाजाही भी प्रभावित रही, जबकि यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा कि ईरान के साथ वर्तमान में जिस परमाणु समझौते पर बातचीत चल रही है, वह 2015 के समझौते से बेहतर होगा। उन्होंने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा कि यह नया समझौता ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नियंत्रित करने के लिए अधिक प्रभावी साबित होगा। stock market update के अनुसार, घरेलू शेयर बाजार में तेजी का रुख देखा गया। sensex और nifty दोनों सूचकांक लगभग 1 प्रतिशत तक बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला sensex 79,000 के स्तर को पार करने में सफल रहा। वैश्विक शेयर बाजारों की बात करें तो वॉल स्ट्रीट में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जबकि एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला।

