New Delhi,
दुनिया की प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनी एप्पल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम कुक सितंबर में अपने पद से हटने वाले हैं। उनके कार्यकाल के दौरान कंपनी न केवल करीब 4 ट्रिलियन डॉलर की विशाल कंपनी बनी, बल्कि भारत में एप्पल की रणनीति को भी एक नई दिशा मिली। अब उनके उत्तराधिकारी जॉन टर्नस से उम्मीद की जा रही है कि वे भारत में इस ग्रोथ को और आगे बढ़ाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि जॉन टर्नस के नेतृत्व में भारत में एप्पल की रणनीतिक पहल और तेज हो सकती है। भारत अब कंपनी के लिए केवल एक उपभोक्ता बाजार नहीं, बल्कि एक बड़ा निर्माण केंद्र भी बनता जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, टिम कुक के नेतृत्व में भारत एप्पल के लिए वैश्विक स्तर पर सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में शामिल हो गया है। इसमें उत्पादन, खुदरा विस्तार और तेजी से बढ़ता उपयोगकर्ता आधार शामिल है। भारत अब एप्पल के लिए दोहरी भूमिका निभा रहा है—एक बड़ा उत्पादन केंद्र और तेजी से बढ़ता बाजार।
टिम कुक ने भारत की क्षमता को दी नई पहचान
काउंटरपॉइंट रिसर्च के शोध निदेशक तरुण पाठक ने कहा कि टिम कुक ने भारत की क्षमता को पहचानने और उसे कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति के केंद्र में लाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने भारत में निर्माण विस्तार के साथ-साथ खुदरा नेटवर्क को भी मजबूत किया और डेवलपर्स व उपभोक्ताओं के साथ गहरे संबंध बनाए। उन्होंने यह भी कहा कि जॉन टर्नस को इस मजबूत आधार को आगे बढ़ाना होगा, खासकर भारत की दीर्घकालिक ग्रोथ संभावनाओं को देखते हुए। उनका तकनीकी अनुभव और नेतृत्व शैली भारत के युवा और महत्वाकांक्षी उपभोक्ताओं के साथ बेहतर तालमेल बैठा सकती है।
वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की बढ़ती भूमिका
साइबरमीडिया रिसर्च के उपाध्यक्ष प्रभु राम ने कहा कि एप्पल की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में कंपनी के लगभग एक चौथाई आईफोन भारत में ही असेंबल किए जा रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि भविष्य में भारत कंपनी की ग्रोथ को आगे बढ़ाने में चीन जैसी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि टिम कुक के कार्यकाल में कंपनी ने वैश्विक चुनौतियों के बीच बेहतर प्रबंधन दिखाया और चीन पर निर्भरता कम करने के लिए भारत और वियतनाम जैसे देशों में निर्माण बढ़ाया। टिम कुक ने वर्ष 2011 से एप्पल का नेतृत्व किया और इस दौरान कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 350 अरब डॉलर से बढ़कर लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया। वहीं कंपनी की वार्षिक आय भी चार गुना बढ़कर 416 अरब डॉलर से अधिक हो गई। हालांकि मार्च में टिम कुक ने पद छोड़ने की अटकलों को खारिज करते हुए उन्हें अफवाह बताया था, लेकिन अब उनके पद छोड़ने की घोषणा के बाद कंपनी के भविष्य को लेकर नई उम्मीदें जताई जा रही हैं।

